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ॐ

वट सावित्री पूर्णिमा 2196

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत

अन्य नाम: वट सावित्री व्रत

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
वट सावित्री पूर्णिमा · 2196
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
जून 9, 2196

सूर्योदय: 06:04:58 AM.
सूर्यास्त: 08:59:16 PM.
चंद्रोदय: 09:16:25 PM.
चंद्रास्त: 05:35:32 AM.

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत
समय · Columbus
सूर्योदय
06:04:58 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
08:59:16 अपराह्ण
चंद्रोदय
09:16:25 अपराह्ण
चंद्रास्त
05:35:32 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
जून 8
06:05:05 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
जून 9
06:04:58 पूर्वाह्ण
🌳 पूर्णिमा शुरू
जून 9
04:06:18 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
जून 9
08:59:16 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
जून 10
06:04:52 पूर्वाह्ण
🌳 पूर्णिमा समाप्त
जून 10
03:42:58 अपराह्ण
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इस दिन का पंचांग · Columbus
🌓 तिथि
चतुर्दशी
⭐ नक्षत्र
अनुराधा
🔯 योग
सिद्ध
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परिचय वट सावित्री पूर्णिमा
परिचय

वट सावित्री पूर्णिमा

वट सावित्री पूर्णिमा सुहागिनें ज्येष्ठ की पूर्णिमा को मनाती हैं, विशेषकर महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और कर्नाटक में। यह सावित्री का स्मरण है, जिनकी निष्ठा ने उनके पति को मृत्यु से वापस जीत लिया।

यह कथा महाभारत में कही गई है। राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अंधे और निर्वासित राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना, यह जानते हुए भी कि ऋषि नारद ने चेतावनी दी थी कि सत्यवान एक वर्ष के भीतर मर जाएँगे। जैसे जैसे वह दिन निकट आया, उन्होंने कठोर उपवास किया। जब वन में सत्यवान एक वट वृक्ष के नीचे गिर पड़े और यम उनके प्राण लेने आए, तो सावित्री उनके पीछे चल पड़ीं। उनकी बुद्धिमत्ता और दृढ़ता से यम इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उन्हें वर दिए, और अंत में सत्यवान के प्राण लौटा दिए।

स्त्रियाँ उपवास करती हैं, वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटती हैं, फल और फूल अर्पित करती हैं, और अपने पतियों की दीर्घायु की प्रार्थना करते हुए सावित्री की कथा सुनती हैं।

परंपरा और विधि
🌳
वट वृक्ष
इसकी दीर्घ आयु और फैलती जड़ें स्थायी दांपत्य का प्रतीक हैं।
🧵
सूत और परिक्रमा
वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटा जाता है।
⚖️
सावित्री और यम
वह निष्ठा और बुद्धिमत्ता जिसने सत्यवान के प्राण वापस जीत लिए।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल जून/9/2196 12:02:41 PM जून/9/2196 01:32:07 PM
लाभ जून/9/2196 01:32:07 PM जून/9/2196 03:23:54 PM
शुभ जून/9/2196 07:07:29 PM जून/9/2196 08:59:16 PM
अमृत जून/9/2196 08:59:16 PM जून/9/2196 10:07:28 PM
चल जून/9/2196 10:07:28 PM जून/9/2196 11:15:40 PM
लाभ जून/10/2196 01:32:04 AM जून/10/2196 02:40:16 AM
शुभ जून/10/2196 03:48:28 AM जून/10/2196 04:56:40 AM
अमृत जून/10/2196 04:56:40 AM जून/10/2196 06:04:52 AM
गौरी पंचांग
दिन
सुगम जून/9/2196 07:56:45 AM – जून/9/2196 09:48:32 AM
उत्ती जून/9/2196 12:02:41 PM – जून/9/2196 01:32:07 PM
अमृता जून/9/2196 01:32:07 PM – जून/9/2196 03:23:54 PM
लाभम जून/9/2196 07:07:29 PM – जून/9/2196 08:59:16 PM
रात
अमृता जून/9/2196 08:59:16 PM – जून/9/2196 10:07:28 PM
लाभम जून/10/2196 12:23:52 AM – जून/10/2196 01:32:04 AM
धनम जून/10/2196 01:32:04 AM – जून/10/2196 02:40:16 AM
सुगम जून/10/2196 02:40:16 AM – जून/10/2196 03:48:28 AM
उत्ती जून/10/2196 04:56:40 AM – जून/10/2196 06:04:52 AM
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