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ॐ

वट सावित्री पूर्णिमा 2005

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत

अन्य नाम: वट सावित्री व्रत

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
वट सावित्री पूर्णिमा · 2005
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
जून 21, 2005

सूर्योदय: 06:05:09 AM.
सूर्यास्त: 09:03:03 PM.
चंद्रोदय: 09:12:38 PM.
चंद्रास्त: 05:01:11 AM.

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत
समय · Columbus
सूर्योदय
06:05:09 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
09:03:03 अपराह्ण
चंद्रोदय
09:12:38 अपराह्ण
चंद्रास्त
05:01:11 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
जून 20
06:04:56 पूर्वाह्ण
🌳 पूर्णिमा शुरू
जून 21
03:33:02 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
जून 21
06:05:09 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
जून 21
09:03:03 अपराह्ण
🌳 पूर्णिमा समाप्त
जून 22
12:13:49 पूर्वाह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
जून 22
06:05:24 पूर्वाह्ण
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इस दिन का पंचांग · Columbus
🌓 तिथि
पूर्णिमा
⭐ नक्षत्र
ज्येष्ठा
🔯 योग
शुभ
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परिचय वट सावित्री पूर्णिमा
परिचय

वट सावित्री पूर्णिमा

वट सावित्री पूर्णिमा सुहागिनें ज्येष्ठ की पूर्णिमा को मनाती हैं, विशेषकर महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और कर्नाटक में। यह सावित्री का स्मरण है, जिनकी निष्ठा ने उनके पति को मृत्यु से वापस जीत लिया।

यह कथा महाभारत में कही गई है। राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अंधे और निर्वासित राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना, यह जानते हुए भी कि ऋषि नारद ने चेतावनी दी थी कि सत्यवान एक वर्ष के भीतर मर जाएँगे। जैसे जैसे वह दिन निकट आया, उन्होंने कठोर उपवास किया। जब वन में सत्यवान एक वट वृक्ष के नीचे गिर पड़े और यम उनके प्राण लेने आए, तो सावित्री उनके पीछे चल पड़ीं। उनकी बुद्धिमत्ता और दृढ़ता से यम इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उन्हें वर दिए, और अंत में सत्यवान के प्राण लौटा दिए।

स्त्रियाँ उपवास करती हैं, वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटती हैं, फल और फूल अर्पित करती हैं, और अपने पतियों की दीर्घायु की प्रार्थना करते हुए सावित्री की कथा सुनती हैं।

परंपरा और विधि
🌳
वट वृक्ष
इसकी दीर्घ आयु और फैलती जड़ें स्थायी दांपत्य का प्रतीक हैं।
🧵
सूत और परिक्रमा
वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटा जाता है।
⚖️
सावित्री और यम
वह निष्ठा और बुद्धिमत्ता जिसने सत्यवान के प्राण वापस जीत लिए।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
लाभ जून/21/2005 11:41:52 AM जून/21/2005 01:34:06 PM
लाभ जून/21/2005 10:10:51 PM जून/21/2005 11:18:38 PM
शुभ जून/22/2005 12:26:26 AM जून/22/2005 01:34:14 AM
अमृत जून/22/2005 01:34:14 AM जून/22/2005 02:42:01 AM
चल जून/22/2005 02:42:01 AM जून/22/2005 03:49:49 AM
गौरी पंचांग
दिन
लाभम जून/21/2005 07:57:24 AM – जून/21/2005 09:04:44 AM
सुगम जून/21/2005 11:41:52 AM – जून/21/2005 01:34:06 PM
उत्ती जून/21/2005 03:26:20 PM – जून/21/2005 05:18:35 PM
अमृता जून/21/2005 07:10:49 PM – जून/21/2005 09:03:03 PM
रात
उत्ती जून/21/2005 10:10:51 PM – जून/21/2005 11:18:38 PM
अमृता जून/22/2005 12:26:26 AM – जून/22/2005 01:34:14 AM
लाभम जून/22/2005 02:42:01 AM – जून/22/2005 03:49:49 AM
धनम जून/22/2005 03:49:49 AM – जून/22/2005 04:57:37 AM
सुगम जून/22/2005 04:57:37 AM – जून/22/2005 06:05:24 AM
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