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ॐ

वट सावित्री पूर्णिमा 1981

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत

📍 बेंगलुरु, भारत
वट सावित्री पूर्णिमा · 1981
📍 बेंगलुरु, भारत
जून 17, 1981

सूर्योदय: 05:54:56 AM.
सूर्यास्त: 06:46:11 PM.
चंद्रोदय: 06:36:23 PM.
चंद्रास्त: 05:32:33 AM.

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
05:54:56 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:46:11 अपराह्ण
चंद्रोदय
06:36:23 अपराह्ण
चंद्रास्त
05:32:33 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
जून 16
05:54:46 पूर्वाह्ण
🌳 पूर्णिमा शुरू
जून 16
06:40:17 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
जून 17
05:54:56 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
जून 17
06:46:11 अपराह्ण
🌳 पूर्णिमा समाप्त
जून 17
08:34:26 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
जून 18
05:55:08 पूर्वाह्ण
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परिचय वट सावित्री पूर्णिमा
परिचय

वट सावित्री पूर्णिमा

वट सावित्री पूर्णिमा सुहागिनें ज्येष्ठ की पूर्णिमा को मनाती हैं, विशेषकर महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और कर्नाटक में। यह सावित्री का स्मरण है, जिनकी निष्ठा ने उनके पति को मृत्यु से वापस जीत लिया।

यह कथा महाभारत में कही गई है। राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अंधे और निर्वासित राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना, यह जानते हुए भी कि ऋषि नारद ने चेतावनी दी थी कि सत्यवान एक वर्ष के भीतर मर जाएँगे। जैसे जैसे वह दिन निकट आया, उन्होंने कठोर उपवास किया। जब वन में सत्यवान एक वट वृक्ष के नीचे गिर पड़े और यम उनके प्राण लेने आए, तो सावित्री उनके पीछे चल पड़ीं। उनकी बुद्धिमत्ता और दृढ़ता से यम इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उन्हें वर दिए, और अंत में सत्यवान के प्राण लौटा दिए।

स्त्रियाँ उपवास करती हैं, वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटती हैं, फल और फूल अर्पित करती हैं, और अपने पतियों की दीर्घायु की प्रार्थना करते हुए सावित्री की कथा सुनती हैं।

परंपरा और विधि
🌳
वट वृक्ष
इसकी दीर्घ आयु और फैलती जड़ें स्थायी दांपत्य का प्रतीक हैं।
🧵
सूत और परिक्रमा
वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटा जाता है।
⚖️
सावित्री और यम
वह निष्ठा और बुद्धिमत्ता जिसने सत्यवान के प्राण वापस जीत लिए।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
लाभ जून/17/1981 05:54:56 AM जून/17/1981 07:31:21 AM
चल जून/17/1981 03:33:22 PM जून/17/1981 05:09:46 PM
लाभ जून/17/1981 05:09:46 PM जून/17/1981 06:46:11 PM
शुभ जून/17/1981 08:09:48 PM जून/17/1981 09:33:25 PM
अमृत जून/17/1981 09:33:25 PM जून/17/1981 10:57:02 PM
चल जून/17/1981 10:57:02 PM जून/18/1981 12:20:39 AM
लाभ जून/18/1981 03:07:54 AM जून/18/1981 04:31:31 AM
गौरी पंचांग
दिन
लाभम जून/17/1981 05:54:56 AM – जून/17/1981 07:31:21 AM
सुगम जून/17/1981 09:07:45 AM – जून/17/1981 10:44:09 AM
उत्ती जून/17/1981 01:56:58 PM – जून/17/1981 03:33:22 PM
अमृता जून/17/1981 03:33:22 PM – जून/17/1981 05:09:46 PM
रात
उत्ती जून/17/1981 06:46:11 PM – जून/17/1981 08:09:48 PM
अमृता जून/17/1981 08:09:48 PM – जून/17/1981 09:33:25 PM
लाभम जून/17/1981 10:57:02 PM – जून/18/1981 12:20:39 AM
धनम जून/18/1981 12:20:39 AM – जून/18/1981 01:44:16 AM
सुगम जून/18/1981 01:44:16 AM – जून/18/1981 03:07:54 AM
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