मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

उपाकर्म 2054

आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
उपाकर्म · 2054
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · Columbus

ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

अगस्त 7, 2054
Panchami Tithi
संक्रांति (सिंह): अगस्त 17, 2054 02:44 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 16
06:46:45 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 16
10:33:41 पूर्वाह्ण
☀️ संक्रांति
अगस्त 17
02:44:06 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 17
06:47:42 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 17
01:37:02 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 17
08:24:49 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 18
06:48:39 पूर्वाह्ण

यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

शुक्ल यजुर्वेद
अगस्त 7, 2054
shravana_shukla_panchami_hasta
संक्रांति (सिंह): अगस्त 17, 2054 02:44 AM
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
सितम्बर 16, 2054
भाद्रपद पूर्णिमा
संक्रांति (सिंह): अगस्त 17, 2054 02:44 AM
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
सितम्बर 16, 2054
भाद्रपद पूर्णिमा
संक्रांति (सिंह): अगस्त 17, 2054 02:44 AM
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
अगस्त 7, 2054
हस्त नक्षत्र, श्रावण शुक्ल
संक्रांति (सिंह): अगस्त 17, 2054 02:44 AM
गायत्री जप
अगस्त 18, 2054
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 16
06:46:45 पूर्वाह्ण
☀️ संक्रांति
अगस्त 17
02:44:06 पूर्वाह्ण
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 17
02:47:02 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 17
06:47:42 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 17
08:24:49 अपराह्ण
🌑 ग्रहण
अगस्त 18
03:32:01 पूर्वाह्ण
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 18
05:20:54 पूर्वाह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 18
06:48:39 पूर्वाह्ण

सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

सामवेद उपाकर्म
सितम्बर 3, 2054
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 2
07:02:45 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 3
07:03:41 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
सितम्बर 3
12:50:01 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 3
07:59:14 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 4
07:04:38 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 4
10:34:57 पूर्वाह्ण

उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति

  • ☀️ कन्या संक्रांति: गुरुवार, सितम्बर 17, 2054, 2:46 AM EDT · उपाकर्म के पंचांग दिवस में (सितम्बर 16, 2054)

दोनों मध्यरात्रि के बाद, अतः कोई दोष नहीं (परतश्चेन्न दोषकृत्).

Advertisement
परिचय उपाकर्म
परिचय

उपाकर्म

उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।

ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।

जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

परंपरा और विधि
⭐
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
🌕
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
🌾
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें
Advertisement

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें