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ॐ

उपाकर्म 2000

आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ

📍 बेंगलुरु, भारत
उपाकर्म तिथियाँ · बेंगलुरु

ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

अगस्त 14, 2000
श्रवण नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 13
06:08:16 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 13
09:01:30 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 14
06:08:23 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 14
06:40:24 अपराह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 14
11:47:48 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 15
06:08:30 पूर्वाह्ण

यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

शुक्ल यजुर्वेद
अगस्त 14, 2000
श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
अगस्त 14, 2000
श्रावण पूर्णिमा
स्मार्त: अगस्त 15, 2000
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
अगस्त 14, 2000
श्रावण पूर्णिमा
स्मार्त: अगस्त 15, 2000
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
अगस्त 14, 2000
श्रावण पूर्णिमा
स्मार्त: अगस्त 15, 2000
गायत्री जप
अगस्त 15, 2000
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 14
06:08:23 पूर्वाह्ण
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 14
08:39:07 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 15
06:08:30 पूर्वाह्ण
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 15
10:42:38 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 15
06:39:54 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 16
06:08:37 पूर्वाह्ण

सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

सामवेद उपाकर्म
अगस्त 31, 2000
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रातःकाल/सांगव काल विकल्प: भाद्रपद हस्त नक्षत्र (सांगव काल): सितम्बर 1, 2000
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 30
06:09:33 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 31
06:09:35 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 31
01:36:35 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 31
06:30:28 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 1
06:09:37 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 1
12:38:24 अपराह्ण

उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति

  • ☀️ सिंह संक्रांति: बुधवार, अगस्त 16, 2000, 4:18 PM IST · उपाकर्म के 2 पंचांग दिवस बाद (अगस्त 14, 2000)
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परिचय उपाकर्म
परिचय

उपाकर्म

उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।

ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।

जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

परंपरा और विधि
⭐
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
🌕
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
🌾
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
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