ॐ
उपाकर्म 1985
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
📍
बेंगलुरु, भारत
उपाकर्म · 1985
📍 बेंगलुरु, भारत
ऋग्वेद उपाकर्म
अगस्त 28, 1985
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शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म
अगस्त 30, 1985
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कृष्ण यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म
अगस्त 30, 1985
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सामवेद उपाकर्म
अगस्त 19, 1985
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सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
अक्तूबर 13, 1985
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आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · बेंगलुरु
ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
अगस्त 28, 1985
श्रवण नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 27
06:09:23 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 28
01:36:09 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 28
06:09:26 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 28
06:32:37 अपराह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 29
01:50:48 पूर्वाह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 29
06:09:29 पूर्वाह्ण
यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
अगस्त 30, 1985
श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
अगस्त 30, 1985
श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
अगस्त 30, 1985
श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
अगस्त 30, 1985
श्रावण पूर्णिमा
गायत्री जप
अगस्त 31, 1985
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 29
06:09:29 पूर्वाह्ण
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 29
02:42:49 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 30
06:09:31 पूर्वाह्ण
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 30
02:57:10 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 30
06:31:20 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 31
06:09:33 पूर्वाह्ण
सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
अगस्त 19, 1985
श्रावण हस्त नक्षत्र
विकल्प (अल्पमत): श्रावण पूर्णिमा: अगस्त 30, 1985
अध्ययन पुनः आरंभ: सितम्बर 16, 1985
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
अक्तूबर 13, 1985
कन्या मास कृष्ण पक्ष हस्त नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 15
06:09:43 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
सितम्बर 15
08:00:59 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 16
06:09:43 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 16
05:39:35 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 16
06:19:38 अपराह्ण
☀️ संक्रांति
सितम्बर 16
07:51:18 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 17
06:09:43 पूर्वाह्ण
परिचय उपाकर्म
परिचय
उपाकर्म
उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।
ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।
जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।
परंपरा और विधि
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
पूर्ण शास्त्रीय तर्क पढ़ें
Upākarma Nirṇaya: The Śāstric Determination of the Upākarma Day
हिन्दी में पढ़ें
उपाकर्म-निर्णय: उपाकर्म-दिन का शास्त्रीय निर्णय
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