मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

उपाकर्म 1971

आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
उपाकर्म · 1971
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
ऋग्वेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
पूरा पृष्ठ →
ऋग्वेद उपाकर्म
प्रथम बार
जुलाई 27, 1971
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अगस्त 6, 1971 (parihara)
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
जुलाई 7, 1971
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
जुलाई 7, 1971
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
जुलाई 28, 1971
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 24, 1971
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
प्रथम बार
जुलाई 27, 1971
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
पुनरावृत्ति
अगस्त 24, 1971
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
प्रथम बार
अगस्त 24, 1971 (Parihara)
पूरा पृष्ठ →
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · Columbus

ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
श्रवण नक्षत्र
प्रथम बार
जुलाई 27, 1971
Panchami Tithi
Shukra Modhyami अगस्त 5, 1971 को आरंभ, अक्तूबर 7, 1971 को समाप्त
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 5
06:35:18 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 5
10:37:00 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 6
06:36:14 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 6
08:39:57 अपराह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 6
08:51:29 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 7
06:37:10 पूर्वाह्ण

यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 6, 1971
शुक्र अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 7, 1971
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Shukra Modhyami अगस्त 5, 1971 को आरंभ, अक्तूबर 7, 1971 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 7, 1971
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Shukra Modhyami अगस्त 5, 1971 को आरंभ, अक्तूबर 7, 1971 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1971
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 28, 1971
हस्त नक्षत्र, श्रावण शुक्ल
Shukra Modhyami अगस्त 5, 1971 को आरंभ, अक्तूबर 7, 1971 को समाप्त
गायत्री जप
अगस्त 7, 1971
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 5
06:35:18 पूर्वाह्ण
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 5
06:10:17 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 6
06:36:14 पूर्वाह्ण
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 6
03:42:20 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 6
08:39:57 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 7
06:37:10 पूर्वाह्ण

सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

सामवेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 24, 1971
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रथम बार
जुलाई 27, 1971
श्रावण पंचमी
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
पुनरावृत्ति
अगस्त 24, 1971
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 24, 1971
इस दिन फिर भी यज्ञोपवीत धारण (जनेऊ बदलना) करें, मानक मंत्र का उच्चारण कर पुराना जनेऊ त्यागें। इससे संध्यावंदन जैसे नित्यकर्म वैध बने रहते हैं, भले ही पूर्ण उपाकर्म शुभ समय पर न हो सके।
निर्णयसिंधु के अनुसार, चूके हुए कर्म के परिहार हेतु उपवास या प्राजापत्य कृच्छ्र करें।
नदी या पवित्र जलाशय में स्नान करें और सरल ऋषि तर्पण अर्पित करें। कहा जाता है कि इससे शेष दोष शुद्ध हो जाता है।
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 23
06:52:20 पूर्वाह्ण
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 23
07:22:27 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 24
06:53:17 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 24
08:16:00 अपराह्ण
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 24
10:24:05 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 25
06:54:13 पूर्वाह्ण
Advertisement
परिचय उपाकर्म
परिचय

उपाकर्म

उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।

ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।

जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

परंपरा और विधि
⭐
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
🌕
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
🌾
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें
Advertisement

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें