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ॐ

थाई वेळ्ळि 2144

तमिल मास थाई का हर शुक्रवार: देवी की पूजा

📍 बेंगलुरु, भारत
थाई वेळ्ळि · 2144
📍 बेंगलुरु, भारत
शुक्रवार, जनवरी 17, 2144

सूर्योदय: 06:46:41 AM.
सूर्यास्त: 06:11:54 PM.

तमिल मास थाई का हर शुक्रवार: देवी की पूजा
इस वर्ष थाई वेळ्ळि की तिथियाँ · बेंगलुरु
1
थाई वेळ्ळि 1
🗓 शुक्रवार, जनवरी 17, 2144
🌅 सूर्योदय
06:46:41 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:11:54 अपराह्ण
2
थाई वेळ्ळि 2
🗓 शुक्रवार, जनवरी 24, 2144
🌅 सूर्योदय
06:47:12 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:15:31 अपराह्ण
3
थाई वेळ्ळि 3
🗓 शुक्रवार, जनवरी 31, 2144
🌅 सूर्योदय
06:46:48 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:18:46 अपराह्ण
4
थाई वेळ्ळि 4
🗓 शुक्रवार, फरवरी 7, 2144
🌅 सूर्योदय
06:45:33 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:21:35 अपराह्ण
5
थाई वेळ्ळि 5
🗓 शुक्रवार, फरवरी 14, 2144
🌅 सूर्योदय
06:43:28 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:23:55 अपराह्ण
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परिचय थाई वेळ्ळि
परिचय

थाई वेळ्ळि

थाई वेळ्ळि (தை வெள்ளி) तमिल मास थाई का हर शुक्रवार है, वह मास जो पोंगल से आरंभ होता है और जिसका स्वागत इस कहावत से होता है: "थाई पिरंदाल वऴि पिरक्कुम", यानी जब थाई जन्म लेता है, तो एक मार्ग खुलता है।

शुक्रवार देवी का दिन है, और थाई के शुक्रवार अम्मन, लक्ष्मी और दुर्गा के लिए वर्ष के सबसे शुभ दिनों में गिने जाते हैं। घरों की सफ़ाई कर उन्हें कोलम से सजाया जाता है, संध्या को दीप जलाए जाते हैं, और स्त्रियाँ ललिता सहस्रनाम तथा अभिरामि अंतादि का पाठ करती हैं। अम्मन मंदिरों में विशेष अभिषेक और अलंकार होता है, और भक्त नींबू के दीप और पोंगल अर्पित करते हैं।

परंपरा और विधि
🌸
अम्मन पूजा
थाई के हर शुक्रवार को अम्मन मंदिरों में अभिषेक और अलंकार होता है।
🪔
संध्या के दीप
घर में दीप जलाए जाते हैं और ललिता सहस्रनाम का पाठ किया जाता है।
🍚
अर्पण
देवी को मीठा पोंगल और नींबू के दीप अर्पित किए जाते हैं।
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