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ॐ

फुलेरा दूज 2064

फाल्गुन शुक्ल द्वितीया: श्रीकृष्ण का पुष्पोत्सव

📍 बेंगलुरु, भारत
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समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:41:31 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:25:32 अपराह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
फरवरी 18
06:41:56 पूर्वाह्ण
🌸 द्वितीया प्रारंभ
फरवरी 18
03:01:58 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
फरवरी 19
06:41:31 पूर्वाह्ण
🌸 द्वितीया समाप्त
फरवरी 19
05:40:46 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
फरवरी 19
06:25:32 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
फरवरी 20
06:41:05 पूर्वाह्ण
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परिचय

फुलेरा दूज

फुलेरा दूज फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है। इसका नाम फूल शब्द से आया है: इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा फूलों से होती है, और ब्रज के मंदिरों में ठाकुरजी का ताज़े फूलों से श्रृंगार होता है तथा भक्त फूलों की पंखुड़ियों से होली खेलते हैं।

फुलेरा दूज से होली तक का आनंदमय पर्व-काल आरंभ होता है। इस दिन भजन, कीर्तन और श्री राधा-कृष्ण को फूल व मिठाई अर्पित करके उत्सव मनाया जाता है।

परंपरा और विधि
🌸
कृष्ण के लिए फूल
श्री राधा-कृष्ण का ताज़े फूलों से श्रृंगार होता है, और रंगों की जगह पंखुड़ियाँ अर्पित की जाती हैं।
🎨
होली से पहले
फुलेरा दूज से होली तक के उत्सव के दिन आरंभ होते हैं, विशेषकर मथुरा और वृंदावन में।
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