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ॐ

मकर संक्रांति 1954

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ

📍 बेंगलुरु, भारत
मकर संक्रांति · 1954
📍 बेंगलुरु, भारत
जनवरी 14, 1954

सूर्योदय: 06:46:42 AM.
सूर्यास्त: 06:10:45 PM.
चंद्रोदय: 01:45:38 PM.
चंद्रास्त: 02:02:37 AM.
संक्रांति: 03:42:29 AM.
पोंगल मुहूर्त: 08:12:12 AM – 09:37:42 AM.

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ
संक्रांति विवरण · बेंगलुरु
☀️
🗓 गुरुवार, जनवरी 14, 1954
🌅 सूर्योदय
06:46:42 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:10:45 अपराह्ण
🙏 संक्रांति पुण्यकाल
06:46:42 पूर्वाह्ण
समाप्त 06:10:45 PM
🍚 पोंगल मुहूर्त
08:12:12 पूर्वाह्ण
समाप्त 09:37:42 AM
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:46:42 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:10:45 अपराह्ण
चंद्रोदय
01:45:38 अपराह्ण
चंद्रास्त
02:02:37 पूर्वाह्ण
संक्रांति
03:42:29 पूर्वाह्ण
पोंगल मुहूर्त
08:12:12 पूर्वाह्ण
समाप्त 09:37:42 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 13
06:46:30 पूर्वाह्ण
☀️ संक्रांति
जनवरी 14
03:42:29 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
जनवरी 14
06:46:42 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 14
06:10:45 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 15
06:46:52 पूर्वाह्ण
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परिचय मकर संक्रांति
परिचय

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण (सूर्य के उत्तर दिशा में गमन) के आरंभ को चिह्नित करती है, जो दोनों अयन संक्रांतियों (कर्क संक्रांति के साथ) में से एक है, प्रत्येक का अपना विशिष्ट पुण्यकाल नियम है। इसे पूरे भारत में कई क्षेत्रीय नामों से मनाया जाता है: तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण (पतंग महोत्सव), पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू, और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में केवल संक्रांति, सभी एक ही दिन एक ही सौर घटना को चिह्नित करते हैं।

पुण्यकाल संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय है, जिसे परंपरागत रूप से दान, पवित्र स्नान और पूजा के लिए विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। विशेष रूप से मकर संक्रांति के लिए, यह पृष्ठ पोंगल पॉट मुहूर्त भी दिखाता है: कांची कामकोटि पीठ वेद धर्म शास्त्र परिपालन सभा के प्रकाशित नियम के अनुसार, पर्व की मीठी चावल की डिश पकाने के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय (पूर्ण पोंगल-विशिष्ट सांस्कृतिक सामग्री और चार-दिवसीय कार्यक्रम के लिए pongal.php देखें)।

परंपरा और विधि
☀️
उत्तरायण का आरंभ
मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत को चिह्नित करती है, सूर्य का छह महीने का उत्तर दिशा में गमन, जिसे परंपरागत रूप से वर्ष का शुभ आधा भाग माना जाता है, जो कर्क संक्रांति (दक्षिणायन के आरंभ) पर समाप्त होता है।
🙏
संक्रांति पुण्यकाल
ठीक संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय, आपके अपने शहर के सूर्योदय/सूर्यास्त के लिए गणना किया गया। यह विश्व भर में एक ही क्षण नहीं है।
🍚
पोंगल पॉट मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन ही पोंगल की मीठी चावल की भेंट के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय। पूर्ण तमिल चार-दिवसीय पोंगल उत्सव के लिए pongal.php देखें।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल जनवरी/14/1954 11:20:19 AM जनवरी/14/1954 12:28:43 PM
लाभ जनवरी/14/1954 12:28:43 PM जनवरी/14/1954 01:54:14 PM
शुभ जनवरी/14/1954 04:45:15 PM जनवरी/14/1954 06:10:45 PM
अमृत जनवरी/14/1954 06:10:45 PM जनवरी/14/1954 07:45:16 PM
चल जनवरी/14/1954 07:45:16 PM जनवरी/14/1954 09:19:47 PM
लाभ जनवरी/15/1954 12:28:49 AM जनवरी/15/1954 02:03:20 AM
शुभ जनवरी/15/1954 03:37:50 AM जनवरी/15/1954 05:12:21 AM
अमृत जनवरी/15/1954 05:12:21 AM जनवरी/15/1954 06:46:52 AM
गौरी पंचांग
दिन
सुगम जनवरी/14/1954 08:12:12 AM – जनवरी/14/1954 09:37:42 AM
उत्ती जनवरी/14/1954 11:20:19 AM – जनवरी/14/1954 12:28:43 PM
अमृता जनवरी/14/1954 12:28:43 PM – जनवरी/14/1954 01:54:14 PM
लाभम जनवरी/14/1954 04:45:15 PM – जनवरी/14/1954 06:10:45 PM
रात
अमृता जनवरी/14/1954 06:10:45 PM – जनवरी/14/1954 07:45:16 PM
लाभम जनवरी/14/1954 10:54:18 PM – जनवरी/15/1954 12:28:49 AM
धनम जनवरी/15/1954 12:28:49 AM – जनवरी/15/1954 02:03:20 AM
सुगम जनवरी/15/1954 02:03:20 AM – जनवरी/15/1954 03:37:50 AM
उत्ती जनवरी/15/1954 05:12:21 AM – जनवरी/15/1954 06:46:52 AM
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