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मघा श्राद्ध 2028

भाद्रपद कृष्ण पक्ष: मघा नक्षत्र अपराह्ण काल श्राद्ध

📍 बेंगलुरु, भारत
मघा श्राद्ध · 2028
📍 बेंगलुरु, भारत
रविवार, सितम्बर 17, 2028
2028 में मघा श्राद्ध है, मघा त्रयोदशी श्राद्ध नहीं।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष: मघा नक्षत्र अपराह्ण काल श्राद्ध
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समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:09:45 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:18:32 अपराह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 16
06:09:45 पूर्वाह्ण
🪔 मघा नक्षत्र शुरू
सितम्बर 16
09:10:00 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 17
06:09:45 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 17
06:18:32 अपराह्ण
🪔 मघा नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 17
06:24:15 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 18
06:09:45 पूर्वाह्ण
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परिचय

मघा श्राद्ध

मघा श्राद्ध पितृ तर्पण (पूर्वजों के स्मरण) का पर्व है, जो पितृ पक्ष (अमांत गणना में भाद्रपद कृष्ण पक्ष, पूर्णिमांत गणना में आश्विन कृष्ण पक्ष) में उस दिन किया जाता है जब मघा नक्षत्र अपराह्ण काल में रहता है, वह अपराह्ण का समय जो श्राद्ध कर्मों के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

मघा नक्षत्र के अधिष्ठाता स्वयं पितर (पूर्वज) हैं, इसलिए परंपरा से इसे श्राद्ध के लिए विशेष महत्त्वपूर्ण माना जाता है: इस दिन श्राद्ध करना पूर्वजों की तृप्ति के लिए विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

जब उसी दिन मघा नक्षत्र के साथ त्रयोदशी तिथि भी अपराह्ण काल में रहती है, तब यह पर्व विशेष रूप से मघा त्रयोदशी श्राद्ध कहलाता है, और परंपरा से इसका संबंध उन लोगों के स्मरण से है जिनका देहांत बचपन में या अस्वाभाविक कारणों से हुआ।

पितृ पक्ष के सभी श्राद्ध दिवसों की भाँति, इस कर्म में सामान्यतः दिवंगत पूर्वजों के सम्मान में तर्पण (जल अर्पण), पिंड दान, और ब्राह्मणों तथा परिवारजनों को भोजन कराना सम्मिलित है।

परंपरा और विधि
🪔
मघा नक्षत्र
इसके अधिष्ठाता पितर हैं; इस दिन अपराह्ण काल में इसके रहने से यह पितृ पक्ष में मान्य श्राद्ध अवसर बनता है।
🕯️
मघा त्रयोदशी श्राद्ध
कुछ वर्षों में यह दिन मघा त्रयोदशी श्राद्ध के रूप में मनाया जाता है।
🙏
पितृ पक्ष
तर्पण और श्राद्ध कर्मों से दिवंगत पूर्वजों के सम्मान को समर्पित पूरे पक्ष का अंग।
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