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ॐ

माधव नवमी 2089

माघ शुक्ल नवमी: श्री मध्वाचार्य की आराधना

📍 बेंगलुरु, भारत
माधव नवमी · 2089
📍 बेंगलुरु, भारत
फरवरी 19, 2089

सूर्योदय: 06:41:04 AM.
सूर्यास्त: 06:25:43 PM.
चंद्रोदय: 12:56:15 PM.
चंद्रास्त: 01:03:40 AM.

माघ शुक्ल नवमी: श्री मध्वाचार्य की आराधना
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:41:04 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:25:43 अपराह्ण
चंद्रोदय
12:56:15 अपराह्ण
चंद्रास्त
01:03:40 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
फरवरी 18
06:41:30 पूर्वाह्ण
🌘 तिथि शुरू
फरवरी 18
11:58:46 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
फरवरी 19
06:41:04 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
फरवरी 19
06:25:43 अपराह्ण
🌒 तिथि समाप्त
फरवरी 19
10:01:52 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
फरवरी 20
06:40:37 पूर्वाह्ण
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परिचय माधव नवमी
परिचय

माधव नवमी

मध्व नवमी श्री मध्वाचार्य की वार्षिक आराधना (पुण्यतिथि) है, जो माघ शुक्ल नवमी को मनाई जाती है।

माध्व परंपरा के अनुसार, मध्वाचार्य का इस दिन सामान्य अर्थ में देहावसान नहीं हुआ। इसके बजाय, अनंतेश्वर मंदिर में अपने शिष्यों को ऐतरेय उपनिषद् का प्रवचन देते समय, वे उनकी दृष्टि से अंतर्धान हो गए और वेदव्यास की सेवा जारी रखने के लिए बदरिकाश्रम चले गए। इसीलिए इस दिन को उनकी आराधना के रूप में मनाया जाता है: यह स्मरण और उत्सव का दिन है, शोक का नहीं।

यह तिथि परंपरागत रूप से माध्व संप्रदाय द्वारा उस दिन के रूप में स्वीकार की जाती है जब वे मानव नेत्रों से अदृश्य होकर बदरिका में प्रकट हुए, और माध्व मठों द्वारा प्रतिवर्ष इसका स्मरणोत्सव मनाया जाता है।

परंपरा और विधि
🕉️
अनंतेश्वर मंदिर में अंतर्धान
अपने शिष्यों को ऐतरेय उपनिषद् का प्रवचन देते समय, मध्वाचार्य दृष्टि से अंतर्धान हो गए और वेदव्यास की सेवा जारी रखने के लिए बदरिकाश्रम चले गए।
📿
पाठ एवं पूजा
भक्त द्वादश स्तोत्र, विष्णु सहस्रनाम, तथा मध्वाचार्य की रचनाओं का पाठ करते हैं, और गुरु-परंपरा को पूजा अर्पित करते हैं।
📖
मध्वाचार्य के जीवन का पठन
इस दिन मध्वाचार्य के जीवन-वृत्तांत को पढ़ना अथवा सुनना एक सामान्य प्रथा है।
🍚
अन्नदान
भक्तों और निर्धनों को भोजन कराना (अन्नदान) इस दिन के दान-कार्य के भाग के रूप में किया जाता है।
🛕
उडुपी में उत्सव
उडुपी में इस दिन को विस्तृत उत्सवों, शोभायात्राओं, वैदिक मंत्रोच्चार, और विशेष अर्पणों के साथ मनाया जाता है।
📅
माधव नवमी बनाम राम नवमी
दोनों शुक्ल नवमी को पड़ते हैं किंतु भिन्न-भिन्न चांद्र मासों में: माघ शुक्ल नवमी माधव नवमी है, जबकि चैत्र शुक्ल नवमी श्री राम नवमी है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
शुभ फरवरी/19/2089 08:15:01 AM फरवरी/19/2089 09:37:13 AM
चल फरवरी/19/2089 12:33:23 PM फरवरी/19/2089 02:01:28 PM
अमृत फरवरी/19/2089 03:29:33 PM फरवरी/19/2089 04:57:38 PM
लाभ फरवरी/19/2089 06:25:43 PM फरवरी/19/2089 07:57:35 PM
शुभ फरवरी/19/2089 09:29:27 PM फरवरी/19/2089 11:01:18 PM
अमृत फरवरी/19/2089 11:01:18 PM फरवरी/20/2089 12:33:10 AM
चल फरवरी/20/2089 12:33:10 AM फरवरी/20/2089 02:05:02 AM
लाभ फरवरी/20/2089 05:08:45 AM फरवरी/20/2089 06:40:37 AM
गौरी पंचांग
दिन
उत्ती फरवरी/19/2089 08:15:01 AM – फरवरी/19/2089 09:37:13 AM
अमृता फरवरी/19/2089 11:05:18 AM – फरवरी/19/2089 12:33:23 PM
धनम फरवरी/19/2089 03:29:33 PM – फरवरी/19/2089 04:57:38 PM
सुगम फरवरी/19/2089 04:57:38 PM – फरवरी/19/2089 06:25:43 PM
रात
लाभम फरवरी/19/2089 06:25:43 PM – फरवरी/19/2089 07:57:35 PM
धनम फरवरी/19/2089 07:57:35 PM – फरवरी/19/2089 09:29:27 PM
सुगम फरवरी/19/2089 09:29:27 PM – फरवरी/19/2089 11:01:18 PM
उत्ती फरवरी/20/2089 12:33:10 AM – फरवरी/20/2089 02:05:02 AM
अमृता फरवरी/20/2089 03:36:53 AM – फरवरी/20/2089 05:08:45 AM
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