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ॐ

लोहड़ी 2144

मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: फसल का अलाव

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
लोहड़ी · 2144
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
जनवरी 15, 2144

सूर्योदय: 07:53:09 AM.
सूर्यास्त: 05:29:19 PM.
चंद्रोदय: 02:01:39 PM.
चंद्रास्त: 03:54:02 AM.
संक्रांति: 06:59:59 AM.

मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: फसल का अलाव
समय · Columbus
सूर्योदय
07:53:09 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
05:29:19 अपराह्ण
चंद्रोदय
02:01:39 अपराह्ण
चंद्रास्त
03:54:02 पूर्वाह्ण
संक्रांति
06:59:59 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 14
07:53:31 पूर्वाह्ण
☀️ संक्रांति
जनवरी 15
06:59:59 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
जनवरी 15
07:53:09 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 15
05:29:19 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 16
07:52:45 पूर्वाह्ण
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इस दिन का पंचांग · Columbus
🌓 तिथि
दशमी
⭐ नक्षत्र
भरणी
🔯 योग
शुभ
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परिचय लोहड़ी
परिचय

लोहड़ी

लोहड़ी मकर संक्रांति (माघी) की पूर्व संध्या पर मनाई जाती है, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और दिल्ली में, और हर जगह बसे पंजाबी परिवारों द्वारा। यह कड़ाके की सर्दी के अंत और रबी की फसलों, विशेषकर गन्ने और गेहूँ, के पकने का प्रतीक है।

सूर्यास्त के समय परिवार और पड़ोसी एक बड़े अलाव के चारों ओर इकट्ठा होते हैं। वे उसकी परिक्रमा करते हैं और अच्छी फसल तथा समृद्ध वर्ष की प्रार्थना के साथ अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक, मूँगफली और मक्की के फुल्ले अर्पित करते हैं। फिर यह चढ़ावा प्रसाद के रूप में बाँटा जाता है।

बच्चे घर घर जाकर लोहड़ी के गीत गाते हैं और मिठाइयाँ तथा सिक्के पाते हैं। इन गीतों में दुल्ला भट्टी की गाथा भी होती है, जो युवतियों की रक्षा करने के लिए याद किए जाने वाले लोकनायक हैं। शाम भांगड़ा और गिद्धा से गूँज उठती है।

विवाह या संतान के जन्म के बाद परिवार की पहली लोहड़ी विशेष उल्लास से मनाई जाती है, और रिश्तेदारों तथा मित्रों को अलाव पर आमंत्रित किया जाता है। अगली सुबह माघी होती है, वह दिन जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण आरंभ होता है।

परंपरा और विधि
🔥
लोहड़ी का अलाव
सूर्यास्त के समय परिवार एक बड़ा अलाव जलाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हुए फसल और नए वर्ष के लिए प्रार्थना करते हैं।
🌾
अग्नि को अर्पण
तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक, मूँगफली और मक्की के फुल्ले अग्नि में अर्पित किए जाते हैं और फिर सबमें प्रसाद के रूप में बाँटे जाते हैं।
🎶
गीत और नृत्य
बच्चे घर घर जाकर दुल्ला भट्टी की गाथा गाते हैं, और शाम भांगड़ा और गिद्धा से भर जाती है।
👶
पहली लोहड़ी
विवाह या संतान के जन्म के बाद परिवार की पहली लोहड़ी विशेष उल्लास और रिश्तेदारों के मेल मिलाप के साथ मनाई जाती है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
लाभ जनवरी/15/2144 07:53:09 AM जनवरी/15/2144 09:05:10 AM
चल जनवरी/15/2144 03:05:16 PM जनवरी/15/2144 04:17:17 PM
लाभ जनवरी/15/2144 04:17:17 PM जनवरी/15/2144 05:29:19 PM
शुभ जनवरी/15/2144 07:17:14 PM जनवरी/15/2144 09:05:10 PM
अमृत जनवरी/15/2144 09:05:10 PM जनवरी/15/2144 10:53:06 PM
चल जनवरी/15/2144 10:53:06 PM जनवरी/16/2144 12:41:02 AM
लाभ जनवरी/16/2144 04:16:53 AM जनवरी/16/2144 06:04:49 AM
गौरी पंचांग
दिन
लाभम जनवरी/15/2144 07:53:09 AM – जनवरी/15/2144 09:05:10 AM
सुगम जनवरी/15/2144 10:17:11 AM – जनवरी/15/2144 11:29:12 AM
उत्ती जनवरी/15/2144 01:53:15 PM – जनवरी/15/2144 03:05:16 PM
अमृता जनवरी/15/2144 03:05:16 PM – जनवरी/15/2144 04:17:17 PM
रात
उत्ती जनवरी/15/2144 05:29:19 PM – जनवरी/15/2144 07:17:14 PM
अमृता जनवरी/15/2144 07:17:14 PM – जनवरी/15/2144 09:05:10 PM
लाभम जनवरी/15/2144 10:53:06 PM – जनवरी/16/2144 12:41:02 AM
धनम जनवरी/16/2144 12:41:02 AM – जनवरी/16/2144 02:28:57 AM
सुगम जनवरी/16/2144 02:28:57 AM – जनवरी/16/2144 04:16:53 AM
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