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ॐ

लोहड़ी 2047

मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: फसल का अलाव

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
लोहड़ी · 2047
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
जनवरी 13, 2047

सूर्योदय: 07:53:56 AM.
सूर्यास्त: 05:27:55 PM.
चंद्रोदय: 07:35:47 PM.
चंद्रास्त: 08:52:30 AM.
संक्रांति: 06:59:59 AM.

मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: फसल का अलाव
समय · Columbus
सूर्योदय
07:53:56 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
05:27:55 अपराह्ण
चंद्रोदय
07:35:47 अपराह्ण
चंद्रास्त
08:52:30 पूर्वाह्ण
संक्रांति
06:59:59 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 12
07:54:15 पूर्वाह्ण
☀️ संक्रांति
जनवरी 13
06:59:59 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
जनवरी 13
07:53:56 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 13
05:27:55 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 14
07:53:35 पूर्वाह्ण
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इस दिन का पंचांग · Columbus
🌓 तिथि
द्वितीया
⭐ नक्षत्र
आश्लेषा
🔯 योग
प्रीति
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परिचय लोहड़ी
परिचय

लोहड़ी

लोहड़ी मकर संक्रांति (माघी) की पूर्व संध्या पर मनाई जाती है, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और दिल्ली में, और हर जगह बसे पंजाबी परिवारों द्वारा। यह कड़ाके की सर्दी के अंत और रबी की फसलों, विशेषकर गन्ने और गेहूँ, के पकने का प्रतीक है।

सूर्यास्त के समय परिवार और पड़ोसी एक बड़े अलाव के चारों ओर इकट्ठा होते हैं। वे उसकी परिक्रमा करते हैं और अच्छी फसल तथा समृद्ध वर्ष की प्रार्थना के साथ अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक, मूँगफली और मक्की के फुल्ले अर्पित करते हैं। फिर यह चढ़ावा प्रसाद के रूप में बाँटा जाता है।

बच्चे घर घर जाकर लोहड़ी के गीत गाते हैं और मिठाइयाँ तथा सिक्के पाते हैं। इन गीतों में दुल्ला भट्टी की गाथा भी होती है, जो युवतियों की रक्षा करने के लिए याद किए जाने वाले लोकनायक हैं। शाम भांगड़ा और गिद्धा से गूँज उठती है।

विवाह या संतान के जन्म के बाद परिवार की पहली लोहड़ी विशेष उल्लास से मनाई जाती है, और रिश्तेदारों तथा मित्रों को अलाव पर आमंत्रित किया जाता है। अगली सुबह माघी होती है, वह दिन जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण आरंभ होता है।

परंपरा और विधि
🔥
लोहड़ी का अलाव
सूर्यास्त के समय परिवार एक बड़ा अलाव जलाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हुए फसल और नए वर्ष के लिए प्रार्थना करते हैं।
🌾
अग्नि को अर्पण
तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक, मूँगफली और मक्की के फुल्ले अग्नि में अर्पित किए जाते हैं और फिर सबमें प्रसाद के रूप में बाँटे जाते हैं।
🎶
गीत और नृत्य
बच्चे घर घर जाकर दुल्ला भट्टी की गाथा गाते हैं, और शाम भांगड़ा और गिद्धा से भर जाती है।
👶
पहली लोहड़ी
विवाह या संतान के जन्म के बाद परिवार की पहली लोहड़ी विशेष उल्लास और रिश्तेदारों के मेल मिलाप के साथ मनाई जाती है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल जनवरी/13/2047 09:05:41 AM जनवरी/13/2047 10:17:26 AM
लाभ जनवरी/13/2047 10:17:26 AM जनवरी/13/2047 11:29:11 AM
अमृत जनवरी/13/2047 11:29:11 AM जनवरी/13/2047 12:40:56 PM
शुभ जनवरी/13/2047 01:52:41 PM जनवरी/13/2047 03:04:26 PM
शुभ जनवरी/13/2047 05:27:55 PM जनवरी/13/2047 07:16:08 PM
अमृत जनवरी/13/2047 07:16:08 PM जनवरी/13/2047 09:04:20 PM
चल जनवरी/13/2047 09:04:20 PM जनवरी/13/2047 10:52:33 PM
लाभ जनवरी/14/2047 02:28:58 AM जनवरी/14/2047 04:17:10 AM
शुभ जनवरी/14/2047 06:05:23 AM जनवरी/14/2047 07:53:35 AM
गौरी पंचांग
दिन
उत्ती जनवरी/13/2047 07:53:56 AM – जनवरी/13/2047 09:05:41 AM
अमृता जनवरी/13/2047 09:05:41 AM – जनवरी/13/2047 10:17:26 AM
लाभम जनवरी/13/2047 11:29:11 AM – जनवरी/13/2047 12:40:56 PM
सुगम जनवरी/13/2047 01:52:41 PM – जनवरी/13/2047 03:04:26 PM
रात
धनम जनवरी/13/2047 05:27:55 PM – जनवरी/13/2047 07:16:08 PM
सुगम जनवरी/13/2047 07:16:08 PM – जनवरी/13/2047 09:04:20 PM
उत्ती जनवरी/14/2047 12:40:45 AM – जनवरी/14/2047 02:28:58 AM
अमृता जनवरी/14/2047 02:28:58 AM – जनवरी/14/2047 04:17:10 AM
लाभम जनवरी/14/2047 06:05:23 AM – जनवरी/14/2047 07:53:35 AM
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