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ॐ

कल्कि जयंती 1985

श्रावण शुक्ल षष्ठी को भगवान कल्कि का जन्म, आपके शहर के लिए

📍 बेंगलुरु, भारत
कल्कि जयंती · 1985
📍 बेंगलुरु, भारत
बुधवार, अगस्त 21, 1985
श्रावण शुक्ल षष्ठी को भगवान कल्कि का जन्म, आपके शहर के लिए
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🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 20
06:08:56 पूर्वाह्ण
🔱 षष्ठी शुरू
अगस्त 21
03:41:23 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 21
06:09:01 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 21
06:36:50 अपराह्ण
🔱 षष्ठी समाप्त
अगस्त 22
01:19:18 पूर्वाह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 22
06:09:05 पूर्वाह्ण
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परिचय

कल्कि जयंती

कल्कि जयंती भगवान कल्कि के जन्म का पर्व है, जो विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार हैं, कलियुग के अंत में श्वेत अश्व पर सवार होकर और प्रज्वलित खड्ग धारण कर अधर्म का नाश और धर्म की पुनर्स्थापना करने की भविष्यवाणी की गई है। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ता है।

भक्त इस दिन उपवास रखकर, कल्कि पुराण का पाठ या श्रवण करके, और विष्णु के कल्कि रूप की पूजा करके इसे मनाते हैं। चूँकि यह दिन एक निश्चित सूर्योदयकालीन तिथि के बजाय सायंकाल (संध्या) प्रवृत्ति नियम से तय होता है, इसलिए सटीक तिथि शहर के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। यह पृष्ठ आपके स्थान के लिए इसे स्वतः निर्धारित करता है।

परंपरा और विधि
🐎
दसवाँ अवतार
कलियुग के अंत के लिए विष्णु के अवतार, कल्कि के भविष्यवाणी किए गए जन्म का स्मरण कराती है।
📿
श्रावण शुक्ल षष्ठी
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को पड़ता है, जिसका निर्धारण सायंकाल (संध्या) प्रवृत्ति नियम से होता है।
🕉️
स्मार्त व्रत
उपवास, कल्कि पुराण पाठ और विष्णु पूजा के साथ मनाया जाता है।
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