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ॐ

कजरी तीज 2114

अमांत श्रावण कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत भाद्रपद कृष्ण तृतीया): बिहार और उत्तर प्रदेश की वर्षा तीज

अन्य नाम: बड़ी तीज

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
कजरी तीज · 2114
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
अगस्त 18, 2114

सूर्योदय: 06:48:17 AM.
सूर्यास्त: 08:24:13 PM.
चंद्रोदय: 10:27:12 PM.
चंद्रास्त: 09:59:00 AM.

अमांत श्रावण कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत भाद्रपद कृष्ण तृतीया): बिहार और उत्तर प्रदेश की वर्षा तीज
समय · Columbus
सूर्योदय
06:48:17 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
08:24:13 अपराह्ण
चंद्रोदय
10:27:12 अपराह्ण
चंद्रास्त
09:59:00 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 18
06:48:17 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 19
06:49:14 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 19
08:22:49 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 20
06:50:10 पूर्वाह्ण
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इस दिन का पंचांग · Columbus
🌓 तिथि
तृतीया
⭐ नक्षत्र
पूर्वाभाद्रपद
🔯 योग
सुकर्मा
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परिचय कजरी तीज
परिचय

कजरी तीज

कजरी तीज, जिसे बड़ी तीज, सातुड़ी तीज या भोजरी तीज भी कहा जाता है, कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है, दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार यह श्रावण कृष्ण तृतीया है, जबकि उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत गणना के अनुसार यह भाद्रपद कृष्ण तृतीया है, और यह मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ भागों में मनाई जाती है। यह वर्षा ऋतु की तीन तीज पर्वों में तीसरी और अंतिम है (श्रावण की हरियाली तीज और भाद्रपद शुक्ल की हरितालिका तीज के बाद)।

कजरी शब्द इस पर्व के दौरान गाए जाने वाले गीतों से संबंधित है: बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों की कजरी लोकगीत शैली, जो वर्षा के आकाश, कोयल, बारिश और विरह के बिंबों के लिए प्रसिद्ध है। कजरी गीत हिंदी लोकसंगीत के सबसे प्राचीन रूपों में गिने जाते हैं; मीराबाई, तुलसीदास और बाद में अमीर खुसरो ने भी इस विधा में योगदान दिया।

महिलाएँ दिनभर व्रत रखती हैं, वैवाहिक सुख के लिए पार्वती और शिव की पूजा करती हैं, और संध्या में नीम की टहनी, ताज़ा मक्का, जौ और मिट्टी जैसी सामग्री से पूजा करती हैं। चंद्रोदय के बाद, चंद्रमा का दर्शन और पूजन करके व्रत खोला जाता है। कुछ क्षेत्रों में, मिट्टी और गेहूँ के अंकुर (सात दिन पहले उगाए गए) से भरे छोटे मिट्टी के बर्तनों को शोभायात्रा में ले जाकर नदी या तालाब में विसर्जित किया जाता है: यह बुवाई के मौसम के समापन और धरती को प्रथम फसल अर्पित करने का प्रतीक है।

परंपरा और विधि
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ऋतु की तीसरी तीज
कजरी तीज वर्षा ऋतु की तीन महिला पर्वों में तीसरी है: हरियाली तीज (श्रावण) → हरितालिका तीज (भाद्रपद शुक्ल) → कजरी तीज (भाद्रपद कृष्ण)। ये तीनों मिलकर संपूर्ण वर्षा ऋतु को समेटती हैं।
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कजरी लोकगीत
हिंदी लोकसंगीत की कजरी विधा (जिसे महिलाएँ रात्रि आकाश के नीचे समूह में गाती हैं) इसी पर्व के नाम पर रखी गई है। इन गीतों में वर्षा, प्रतीक्षारत पत्नी, कोयल और विरह ऋतु में राधा का वर्णन होता है।
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बीज कलश विसर्जन
महिलाएँ कजरी तीज से सात दिन पहले छोटे मिट्टी के बर्तनों (जरी) में गेहूँ के बीज उगाती हैं। पर्व के दिन इन अंकुरित पौधों को नदी में विसर्जित किया जाता है: यह वर्षा ऋतु की फसल की प्रथम भेंट है।
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पार्वती-शिव पूजन
अन्य सभी तीज पर्वों की तरह, कजरी तीज में भी व्रत रखकर पार्वती और शिव की पूजा की जाती है। विवाहित महिलाएँ अपने पति के लिए प्रार्थना करती हैं; अविवाहित कन्याएँ उपयुक्त जीवनसाथी पाने की कामना करती हैं।
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चंद्र पूजन
व्रत तभी खोला जाता है जब संध्या में चंद्रोदय हो और उसकी पूजा हो जाए। महिलाएँ चंद्रमा को जल, पुष्प और सिंदूर अर्पित करती हैं, फिर पूजा के बाद तैयार भोजन ग्रहण करती हैं।
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भोजरी (नीम टहनी पूजन)
कजरी तीज की एक विशिष्ट विधि है नीम और मक्का अर्पण: स्वास्थ्य और शुद्धता के प्रतीक नीम की टहनियाँ देवी के समक्ष रखी जाती हैं। कुछ क्षेत्रों में इसी अर्पण के कारण पर्व को भोजरी कहा जाता है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
शुभ अगस्त/18/2114 08:37:05 AM अगस्त/18/2114 10:12:16 AM
चल अगस्त/18/2114 01:36:15 PM अगस्त/18/2114 03:18:15 PM
अमृत अगस्त/18/2114 05:00:14 PM अगस्त/18/2114 06:42:14 PM
लाभ अगस्त/18/2114 08:24:13 PM अगस्त/18/2114 09:42:21 PM
शुभ अगस्त/18/2114 11:00:28 PM अगस्त/19/2114 12:18:36 AM
अमृत अगस्त/19/2114 12:18:36 AM अगस्त/19/2114 01:36:44 AM
चल अगस्त/19/2114 01:36:44 AM अगस्त/19/2114 02:54:51 AM
लाभ अगस्त/19/2114 05:31:06 AM अगस्त/19/2114 06:49:14 AM
गौरी पंचांग
दिन
उत्ती अगस्त/18/2114 08:37:05 AM – अगस्त/18/2114 10:12:16 AM
अमृता अगस्त/18/2114 11:54:16 AM – अगस्त/18/2114 01:36:15 PM
धनम अगस्त/18/2114 05:00:14 PM – अगस्त/18/2114 06:42:14 PM
सुगम अगस्त/18/2114 06:42:14 PM – अगस्त/18/2114 08:24:13 PM
रात
लाभम अगस्त/18/2114 08:24:13 PM – अगस्त/18/2114 09:42:21 PM
धनम अगस्त/18/2114 09:42:21 PM – अगस्त/18/2114 11:00:28 PM
सुगम अगस्त/18/2114 11:00:28 PM – अगस्त/19/2114 12:18:36 AM
उत्ती अगस्त/19/2114 01:36:44 AM – अगस्त/19/2114 02:54:51 AM
अमृता अगस्त/19/2114 04:12:59 AM – अगस्त/19/2114 05:31:06 AM
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