मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

हरियाली तीज 1985

श्रावण शुक्ल तृतीया: पार्वती और शिव का वर्षा पर्व

📍 बेंगलुरु, भारत
हरियाली तीज · 1985
📍 बेंगलुरु, भारत
अगस्त 19, 1985

सूर्योदय: 06:08:51 AM.
सूर्यास्त: 06:37:57 PM.
चंद्रोदय: 08:40:38 AM.
चंद्रास्त: 09:05:55 PM.

श्रावण शुक्ल तृतीया: पार्वती और शिव का वर्षा पर्व
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:08:51 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:37:57 अपराह्ण
चंद्रोदय
08:40:38 पूर्वाह्ण
चंद्रास्त
09:05:55 अपराह्ण
🌘 तिथि शुरू
अगस्त 18
11:12:53 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 19
06:08:51 पूर्वाह्ण
🌒 तिथि समाप्त
अगस्त 19
08:43:10 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 20
06:08:56 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 20
06:37:24 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 21
06:09:01 पूर्वाह्ण
Advertisement
परिचय हरियाली तीज
परिचय

हरियाली तीज

हरियाली तीज (सावन तीज, श्रावण तीज) श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को, वर्षा ऋतु के चरम पर मनाई जाती है। हरियाली का अर्थ है हरियाली और हरे-भरे प्राकृतिक सौंदर्य से: यह पर्व वर्षा से सराबोर धरती की हरीतिमा और 108 जन्मों की कठोर तपस्या के बाद माता पार्वती के भगवान शिव से पुनर्मिलन का उत्सव है, जिसमें उन्होंने दृढ़ता से उन्हें अपने पति के रूप में पाने की साधना की।

यह पर्व मुख्यतः राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार में मनाया जाता है। महिलाएँ वर्षा ऋतु के रंग हरे वस्त्र धारण करती हैं और हरी चूड़ियाँ, कांच के आभूषण पहनती हैं तथा हाथों-पैरों में सुंदर मेहंदी सजाती हैं। बगीचों और आँगनों में पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं (यह परंपरा शास्त्रीय संस्कृत काव्य तक जाती है) और महिलाएँ झूला झूलते हुए तीज गीत गाती हैं, जिनमें वर्षा में कृष्ण की प्रतीक्षा करती राधा का वर्णन होता है।

विवाहित महिलाएँ व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु और समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएँ शिव के समान समर्पित पति पाने की प्रार्थना करती हैं। जयपुर में तीज माता (पार्वती) की प्रतिमा के साथ एक भव्य तीज शोभायात्रा पुराने शहर की गलियों से गुज़रती है, जिसमें हाथी, ऊँट, लोक वाद्यवृंद और हरे-पीले वस्त्रों में हज़ारों महिलाएँ साथ चलती हैं। यह शोभायात्रा सदियों से राजस्थान की राजकीय परंपरा रही है।

परंपरा और विधि
💚
हरे वस्त्र
हरियाली का अर्थ है हरा-भरापन। महिलाएँ हरी साड़ियाँ, हरी चूड़ियाँ और कांच के आभूषण धारण करती हैं तथा वर्षा ऋतु में जागृत होती धरती के उत्सव में हाथों-पैरों में मेहंदी लगाती हैं।
🌧️
वर्षा ऋतु का उल्लास
हरियाली तीज दक्षिण-पश्चिम मानसून के चरम पर आती है। यह पर्व धरती के नवीनीकरण का उत्सव है: नदियाँ भरी हुई, खेत हरे-भरे, और हवा में मिट्टी की सोंधी सुगंध घुली हुई।
🎡
झूला परंपरा
आम या पीपल के पेड़ों पर बंधे झूले हरियाली तीज के केंद्र में होते हैं। महिलाएँ झूला झूलते हुए तीज गीत गाती हैं: वर्षा में राधा-कृष्ण और पार्वती-शिव के प्रेम के गीत।
🙏
पार्वती का पुनर्मिलन
हरियाली तीज उस रात्रि की स्मृति में मनाई जाती है जब पार्वती की 108 जन्मों की भक्ति के बाद शिव ने अंततः उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। विवाहित महिलाएँ वैवाहिक सुख के लिए व्रत रखती हैं; अविवाहित कन्याएँ प्रेमपूर्ण पति पाने की प्रार्थना करती हैं।
🎺
जयपुर की तीज शोभायात्रा
जयपुर की प्रसिद्ध तीज शोभायात्रा (देवी तीज माता को पालकी में परकोटे वाले शहर की गलियों से ले जाया जाता है, साथ में हाथी, ऊँट, लोक वाद्यवृंद और हरे वस्त्रों में हज़ारों महिलाएँ होती हैं) सदियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती रही है।
🎁
सिंधारा: मायके का उपहार
एक प्रिय परंपरा: विवाहित महिला के मायके से सिंधारा भेजा जाता है (नए वस्त्र, मेहंदी, मिठाई और चूड़ियों की टोकरी) जो तीज के अवसर पर उपहार स्वरूप होता है और महिला व उसके मायके के बीच के बंधन को पुनः दृढ़ करता है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
अमृत अगस्त/19/1985 06:08:51 AM अगस्त/19/1985 07:42:29 AM
शुभ अगस्त/19/1985 09:16:07 AM अगस्त/19/1985 10:49:46 AM
लाभ अगस्त/19/1985 04:08:08 PM अगस्त/19/1985 05:04:19 PM
अमृत अगस्त/19/1985 05:04:19 PM अगस्त/19/1985 06:37:57 PM
चल अगस्त/19/1985 06:37:57 PM अगस्त/19/1985 08:04:20 PM
लाभ अगस्त/19/1985 10:57:04 PM अगस्त/20/1985 12:23:27 AM
शुभ अगस्त/20/1985 01:49:49 AM अगस्त/20/1985 03:16:11 AM
अमृत अगस्त/20/1985 03:16:11 AM अगस्त/20/1985 04:42:33 AM
चल अगस्त/20/1985 04:42:33 AM अगस्त/20/1985 06:08:56 AM
गौरी पंचांग
दिन
अमृता अगस्त/19/1985 06:08:51 AM – अगस्त/19/1985 07:42:29 AM
धनम अगस्त/19/1985 12:23:24 PM – अगस्त/19/1985 12:48:22 PM
धनम अगस्त/19/1985 01:38:19 PM – अगस्त/19/1985 01:57:02 PM
उत्ती अगस्त/19/1985 05:04:19 PM – अगस्त/19/1985 06:37:57 PM
रात
सुगम अगस्त/19/1985 06:37:57 PM – अगस्त/19/1985 08:04:20 PM
उत्ती अगस्त/19/1985 09:30:42 PM – अगस्त/19/1985 10:57:04 PM
अमृता अगस्त/19/1985 10:57:04 PM – अगस्त/20/1985 12:23:27 AM
लाभम अगस्त/20/1985 03:16:11 AM – अगस्त/20/1985 04:42:33 AM
धनम अगस्त/20/1985 04:42:33 AM – अगस्त/20/1985 06:08:56 AM
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें
Advertisement

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें