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हनुमान जयंती (कार्तिक) 2238

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: दिवाली की पूर्व संध्या पर हनुमान जी का जन्मदिन

📍 बेंगलुरु, भारत
हनुमान जयंती (कार्तिक) · 2238
📍 बेंगलुरु, भारत
नवम्बर 5, 2238
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: दिवाली की पूर्व संध्या पर हनुमान जी का जन्मदिन
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समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:15:15 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
05:51:05 अपराह्न
🌅 पिछला सूर्योदय
नवम्बर 4
06:14:57 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
नवम्बर 5
06:15:15 पूर्वाह्न
🐒 चतुर्दशी शुरू
नवम्बर 5
03:36:51 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
नवम्बर 5
05:51:05 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
नवम्बर 6
06:15:34 पूर्वाह्न
🐒 चतुर्दशी समाप्त
नवम्बर 6
05:00:05 अपराह्न
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परिचय

हनुमान जयंती (कार्तिक)

अयोध्या में और उत्तर भारत के अधिकांश भागों में श्री हनुमान का जन्म कार्तिक (अमांत गणना में आश्विन) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी मनाया जाता है, जो दीपावली से एक दिन पहले, नरक चतुर्दशी का ही दिन है।

यह उत्सव सबसे भव्य रूप में हनुमानगढ़ी में मनाया जाता है, अयोध्या का वह पहाड़ी मंदिर जहाँ हनुमान की श्रीराम की नगरी के रक्षक के रूप में पूजा होती है। परंपरा कहती है कि जब राम अपने राज्य लौटे, तब उन्होंने हनुमान को वहाँ रहने का स्थान दिया ताकि वे सदा उसकी रक्षा कर सकें।

भक्त उपवास रखते हैं, सिंदूर, चमेली का तेल और लड्डू अर्पित करते हैं, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करते हैं, और दीप जलाते हैं जो अगले दिन के प्रकाश पर्व की ओर ले जाते हैं।

परंपरा और विधि
🏯
हनुमानगढ़ी, अयोध्या
राम की नगरी के रक्षक मंदिर में इस दिन का भव्य उत्सव।
🪔
दीपावली की पूर्व संध्या
नरक चतुर्दशी को पड़ता है, लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले।
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सिंदूर और तेल
हनुमान को चमेली के तेल में मिला सिंदूर अर्पित किया जाता है।
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