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ॐ

गीता जयंती 1946

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी: भगवद्गीता का जन्मदिन

📍 बेंगलुरु, भारत
गीता जयंती · 1946
📍 बेंगलुरु, भारत
दिसम्बर 5, 1946

सूर्योदय: 06:29:08 AM.
सूर्यास्त: 05:51:15 PM.
चंद्रोदय: 03:02:01 PM.
चंद्रास्त: 02:47:07 AM.

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी: भगवद्गीता का जन्मदिन
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:29:08 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
05:51:15 अपराह्ण
चंद्रोदय
03:02:01 अपराह्ण
चंद्रास्त
02:47:07 पूर्वाह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
दिसम्बर 4
06:28:35 पूर्वाह्ण
🌘 तिथि शुरू
दिसम्बर 4
02:01:02 अपराह्ण
🌅 सूर्योदय
दिसम्बर 5
06:29:08 पूर्वाह्ण
🌒 तिथि समाप्त
दिसम्बर 5
12:08:42 अपराह्ण
🌇 सूर्यास्त
दिसम्बर 5
05:51:15 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
दिसम्बर 6
06:29:41 पूर्वाह्ण
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परिचय गीता जयंती
परिचय

गीता जयंती

गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि) को मनाई जाती है और उस दिन की स्मृति में मनाई जाती है जब भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग 5,100 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। यह स्वयं शास्त्र का जन्मदिन है: वह क्षण जब 700 शाश्वत श्लोक पहली बार कहे गए।

भगवद्गीता ("भगवान का गीत") महाभारत के भीष्म पर्व में अंतर्निहित है। अपने गुरुजनों और स्वजनों से युद्ध करने की आशंका से शोकाकुल अर्जुन अपना धनुष रख देते हैं। उनके सारथी श्रीकृष्ण, हिंदू दर्शन के संपूर्ण विस्तार को समेटने वाले 18 अध्यायों के उपदेश से उत्तर देते हैं: कर्मयोग (कर्म का योग), ज्ञानयोग (ज्ञान का योग), भक्तियोग (भक्ति का योग), और राजयोग (ध्यान का योग)।

इस दिन को मोक्षदा एकादशी भी कहा जाता है: वह एकादशी जो मोक्ष प्रदान करती है। माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से दिवंगत पूर्वजों की आत्माओं को मुक्ति मिलती है। भक्त सामान्यतः इस दिन गीता का पाठ (सभी 18 अध्याय या द्वितीय अध्याय जैसे प्रमुख भाग), प्रवचन-श्रवण, और शास्त्र की प्रतियों का दान करते हुए बिताते हैं।

कुरुक्षेत्र में स्वयं, गीता जयंती उस स्थान पर, जहाँ माना जाता है कि श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था (ब्रह्म सरोवर के निकट), रात भर के पाठ और दीप-अर्पण के साथ बड़े समारोह में मनाई जाती है।

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः।।
"सभी धर्मों को छोड़कर केवल मेरी शरण में आ जाओ। मैं तुम्हें सभी पापों से मुक्त कर दूँगा; शोक मत करो।"
भगवद्गीता 18.66: चरम श्लोक
परंपरा और विधि
📖
गीता का उपदेश
भगवद्गीता कुरुक्षेत्र युद्ध के आरंभ में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को सुनाई गई थी। इसके 18 अध्यायों में फैले 700 श्लोक हिंदू इतिहास के सबसे प्रभावशाली दार्शनिक ग्रंथ का निर्माण करते हैं।
⚔️
युद्धभूमि का दृश्य
युद्ध की सुबह, अर्जुन अपने पितामहों, गुरुओं और बंधु-बांधवों को अपने विरुद्ध खड़ा देखकर निराशा में अपना धनुष रख देते हैं। श्रीकृष्ण का उत्तर (संपूर्ण गीता) पहला बाण चलने से पहले ही दिया गया।
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तीन मार्ग
गीता मोक्ष के तीन मार्गों को समन्वित करती है: कर्मयोग (निष्काम कर्म), ज्ञानयोग (आत्मज्ञान), और भक्तियोग (प्रेममयी भक्ति): और तीनों को एक ही लक्ष्य तक पहुँचने के समान रूप से मान्य मार्ग घोषित करती है।
🙏
मोक्षदा एकादशी
इस एकादशी को मोक्षदा (मुक्ति देने वाली) कहा जाता है क्योंकि इस दिन व्रत रखने से भक्त और उनके दिवंगत पूर्वज दोनों जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।
🏛️
कुरुक्षेत्र का उत्सव
कुरुक्षेत्र में जिस स्थान पर श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था, वहाँ प्रतिवर्ष गीता जयंती का भव्य उत्सव आयोजित होता है: रात भर पाठ, दीपों से सजी शोभायात्राएँ, और पूरे भारत से आए विद्वानों के प्रवचन।
📿
पाठ की परंपरा
भक्त परंपरागत रूप से इस दिन संपूर्ण 18 अध्यायों का पाठ करते हैं: लगभग 2-3 घंटे में। प्रत्येक अध्याय का अंतिम श्लोक इन शब्दों के साथ समाप्त होता है: "इस प्रकार योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा।"
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल दिसम्बर/5/1946 11:01:59 AM दिसम्बर/5/1946 12:10:11 PM
लाभ दिसम्बर/5/1946 12:10:11 PM दिसम्बर/5/1946 01:35:27 PM
शुभ दिसम्बर/5/1946 04:25:59 PM दिसम्बर/5/1946 05:51:15 PM
अमृत दिसम्बर/5/1946 05:51:15 PM दिसम्बर/5/1946 07:26:03 PM
चल दिसम्बर/5/1946 07:26:03 PM दिसम्बर/5/1946 09:00:51 PM
लाभ दिसम्बर/6/1946 12:10:28 AM दिसम्बर/6/1946 01:45:16 AM
शुभ दिसम्बर/6/1946 03:20:04 AM दिसम्बर/6/1946 04:54:52 AM
अमृत दिसम्बर/6/1946 04:54:52 AM दिसम्बर/6/1946 06:29:41 AM
गौरी पंचांग
दिन
सुगम दिसम्बर/5/1946 07:54:24 AM – दिसम्बर/5/1946 09:19:39 AM
उत्ती दिसम्बर/5/1946 11:01:59 AM – दिसम्बर/5/1946 12:10:11 PM
अमृता दिसम्बर/5/1946 12:10:11 PM – दिसम्बर/5/1946 01:35:27 PM
लाभम दिसम्बर/5/1946 04:25:59 PM – दिसम्बर/5/1946 05:51:15 PM
रात
अमृता दिसम्बर/5/1946 05:51:15 PM – दिसम्बर/5/1946 07:26:03 PM
लाभम दिसम्बर/5/1946 10:35:39 PM – दिसम्बर/6/1946 12:10:28 AM
धनम दिसम्बर/6/1946 12:10:28 AM – दिसम्बर/6/1946 01:45:16 AM
सुगम दिसम्बर/6/1946 01:45:16 AM – दिसम्बर/6/1946 03:20:04 AM
उत्ती दिसम्बर/6/1946 04:54:52 AM – दिसम्बर/6/1946 06:29:41 AM
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