मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) 1973

शारद नवरात्रि का आठवाँ दिन: देवी महागौरी की पूजा

📍 बेंगलुरु, भारत
दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) · 1973
📍 बेंगलुरु, भारत
अक्तूबर 4, 1973

सूर्योदय: 06:10:01 AM.
सूर्यास्त: 06:07:07 PM.
भद्रा देवी पूजा: 09:22:22 AM.
संधि पूजा: अक्तूबर/5 04:55:24 AM – अक्तूबर/5 05:43:24 AM.

शारद नवरात्रि का आठवाँ दिन: देवी महागौरी की पूजा
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:10:01 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:07:07 अपराह्ण
भद्रा देवी पूजा
09:22:22 पूर्वाह्ण
संधि पूजा
अक्तूबर/5 04:55:24 AM
समाप्त अक्तूबर/5 05:43:24 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
अक्तूबर 3
06:09:59 पूर्वाह्ण
🔱 अष्टमी शुरू
अक्तूबर 4
02:42:46 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अक्तूबर 4
06:10:01 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अक्तूबर 4
06:07:07 अपराह्ण
🔱 अष्टमी समाप्त
अक्तूबर 5
05:19:24 पूर्वाह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अक्तूबर 5
06:10:05 पूर्वाह्ण
Advertisement
परिचय दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)
परिचय

दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)

दुर्गा अष्टमी, जिसे महाअष्टमी भी कहते हैं, आश्विन मास में शारद नवरात्रि का आठवाँ दिन है। यह नवरात्रि के सबसे पवित्र दिनों में से एक है, जब देवी की उपासना तेजस्वी और निर्मल महागौरी के रूप में होती है।

भक्त उपवास रखते हैं और देवी दुर्गा की विस्तृत पूजा करते हैं। अनेक घरों में कन्या पूजा (कुमारी पूजा) में छोटी कन्याओं का देवी के रूप में सम्मान किया जाता है, उन्हें भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं। अष्टमी और नवमी के संधिकाल में 108 दीपों और कमलों के साथ संधि पूजा की जाती है, जो उस क्षण का स्मरण है जब देवी ने चंड और मुंड का संहार किया था।

बंगाल में यह दिन दुर्गा पूजा की महाअष्टमी है, जिसमें प्रातः देवी को पुष्पांजलि अर्पित की जाती है; अनेक स्थानों पर शस्त्रों और औज़ारों का भी पूजन होता है।

परंपरा और विधि
🌸
महागौरी
नवदुर्गा का आठवाँ रूप, जिनकी इस दिन उपासना होती है।
👧
कन्या पूजा
छोटी कन्याओं का देवी के रूप में सम्मान किया जाता है।
🪔
संधि पूजा
अष्टमी और नवमी के संधिकाल में 108 दीपों के साथ पूजा।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें
Advertisement

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें