धूलिवंदन (धुळवड) 1960
रंगवाली होळी: रंगांचा दिवस
धूलिवंदन (धुळवड)
धूलिवंदन (धुळवड, धुलंडी, रंगवाली होळी) हा रंगांचा दिवस आहे. तो फाल्गुन पौर्णिमेच्या होळीच्या, म्हणजे होलिका दहनाच्या दुसऱ्या दिवशी सकाळी येतो, आणि हे दोन दिवस मिळून होळीचा सण होतो.
सकाळी होलिकेची राख आशीर्वाद म्हणून कपाळाला लावली जाते, आणि मग रंगांना सुरुवात होते: गुलाल आणि अबीर, रंगीत पाणी आणि पिचकाऱ्या, रस्त्यांवर गाणी आणि नृत्य. मित्र, शेजारी आणि नातेवाईक एकमेकांच्या भेटीला जातात, जुने वाद बाजूला ठेवले जातात, आणि गुजिया, मालपुआ आणि थंडाई यांसारखे गोड पदार्थ वाटले जातात.
हे रंग व्रजातील श्रीकृष्णांच्या राधा आणि गोपींसोबतच्या लीलेची आठवण करून देतात, जेथे होळी अनेक दिवस साजरी होते, तसेच आदल्या रात्री झालेल्या प्रल्हादाच्या सुटकेचा आनंदही. फाल्गुनातील वसंत ऋतूत, नवे पीक घरी आल्यावर, संपूर्ण समाज एकत्र येऊन हा उत्सव साजरा करतो.
चौघडिया मुहूर्त
| चौघडिया | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चल | मार्च/13/1960 07:59:26 AM | मार्च/13/1960 09:29:24 AM |
| लाभ | मार्च/13/1960 09:29:24 AM | मार्च/13/1960 10:59:22 AM |
| अमृत | मार्च/13/1960 10:59:22 AM | मार्च/13/1960 12:29:20 PM |
| शुभ | मार्च/13/1960 01:59:18 PM | मार्च/13/1960 03:29:16 PM |
| शुभ | मार्च/13/1960 06:29:12 PM | मार्च/13/1960 07:59:09 PM |
| अमृत | मार्च/13/1960 07:59:09 PM | मार्च/13/1960 09:29:07 PM |
| चल | मार्च/13/1960 09:29:07 PM | मार्च/13/1960 10:59:04 PM |
| लाभ | मार्च/14/1960 01:58:58 AM | मार्च/14/1960 03:28:55 AM |
| शुभ | मार्च/14/1960 04:58:53 AM | मार्च/14/1960 06:28:50 AM |
| उत्ती | मार्च/13/1960 06:29:28 AM – मार्च/13/1960 07:59:26 AM | |
| अमृता | मार्च/13/1960 07:59:26 AM – मार्च/13/1960 09:29:24 AM | |
| लाभम | मार्च/13/1960 10:59:22 AM – मार्च/13/1960 12:29:20 PM | |
| सुगम | मार्च/13/1960 01:59:18 PM – मार्च/13/1960 03:29:16 PM |
| धनम | मार्च/13/1960 06:29:12 PM – मार्च/13/1960 07:59:09 PM | |
| सुगम | मार्च/13/1960 07:59:09 PM – मार्च/13/1960 09:29:07 PM | |
| उत्ती | मार्च/14/1960 12:29:01 AM – मार्च/14/1960 01:58:58 AM | |
| अमृता | मार्च/14/1960 01:58:58 AM – मार्च/14/1960 03:28:55 AM | |
| लाभम | मार्च/14/1960 04:58:53 AM – मार्च/14/1960 06:28:50 AM |
आजचे पंचांग, सण, मुहूर्त आणि बरेच काही पाहा
🕉 पंचांग चॅट उघडा