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ॐ

धुलेंडी (रंगवाली होली) 1930

रंगवाली होली: रंगों का दिन

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
धुलेंडी (रंगवाली होली) · 1930
📍 Columbus, Ohio, America (United States)
मार्च 14, 1930

सूर्योदय: 06:47:10 AM.
सूर्यास्त: 06:36:05 PM.
चंद्रोदय: 06:41:35 PM.
चंद्रास्त: 06:58:03 AM.

रंगवाली होली: रंगों का दिन
समय · Columbus
सूर्योदय
06:47:10 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:36:05 अपराह्ण
चंद्रोदय
06:41:35 अपराह्ण
चंद्रास्त
06:58:03 पूर्वाह्ण
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इस दिन का पंचांग · Columbus
🌓 तिथि
पूर्णिमा
⭐ नक्षत्र
पूर्वाफाल्गुनी
🔯 योग
शूल
🌅 सूर्योदय
06:47:10 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
06:36:05 अपराह्ण
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परिचय धुलेंडी (रंगवाली होली)
परिचय

धुलेंडी (रंगवाली होली)

धुलेंडी (धुलंडी, धूलिवंदन, रंगवाली होली) रंगों का दिन है। यह फाल्गुन पूर्णिमा की अग्नि होलिका दहन के अगले दिन की सुबह आती है, और दोनों दिन मिलकर होली बनाते हैं।

सुबह आशीर्वाद के रूप में होलिका की राख माथे पर लगाई जाती है, और फिर रंग शुरू होते हैं: गुलाल और अबीर, रंगीन जल और पिचकारियाँ, गलियों में संगीत और नृत्य। मित्र, पड़ोसी और संबंधी एक दूसरे के घर जाते हैं, पुराने झगड़े भुला दिए जाते हैं, और गुझिया, मालपुआ और ठंडाई जैसी मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं।

ये रंग ब्रज में श्री कृष्ण की राधा और गोपियों के साथ लीला की याद दिलाते हैं, जहाँ होली अनेक दिनों तक मनाई जाती है, और पिछली रात प्रह्लाद की रक्षा के आनंद की भी। फाल्गुन के वसंत में, जब नई फसल घर आ चुकी होती है, पूरा समाज मिलकर उत्सव मनाता है।

परंपरा और विधि
🔥
होलिका दहन के बाद
धुलेंडी होलिका दहन के अगले दिन की सुबह होती है। रंग शुरू होने से पहले आशीर्वाद के रूप में अग्नि की राख माथे पर लगाई जाती है।
🎨
गुलाल और अबीर
सूखे रंग (गुलाल, अबीर) मित्रों और परिवार को लगाए जाते हैं, और पिचकारियों से रंगीन जल छिड़का जाता है। पलाश (टेसू) जैसे फूलों से बने प्राकृतिक रंग परंपरा से पसंद किए जाते हैं।
🪈
ब्रज में कृष्ण
मथुरा, वृंदावन और बरसाना में होली श्री कृष्ण की राधा और गोपियों के साथ लीला की याद दिलाती है। वहाँ के मंदिरों में फूलों, रंगों और संगीत के साथ उत्सव होता है।
🍬
मिठाइयाँ और मिलना जुलना
घरों में गुझिया, मालपुआ, पूरन पोळी और ठंडाई बनाई जाती है। लोग संबंधियों और पड़ोसियों से मिलने जाते हैं, गले मिलते हैं और मिठाइयाँ बाँटते हैं।
🤝
झगड़े भुलाना
होली क्षमा करने और भुला देने का दिन है: पुराने मतभेद एक ओर रख दिए जाते हैं, और बच्चे बूढ़े सब मिलकर खेलते हैं।
🌸
वसंत का पर्व
धुलेंडी फाल्गुन पूर्णिमा के बाद वसंत के आरंभ में आती है। यह नई ऋतु और फसल का उत्सव है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल मार्च/14/1930 06:47:10 AM मार्च/14/1930 08:15:47 AM
अमृत मार्च/14/1930 09:56:12 AM मार्च/14/1930 11:13:01 AM
शुभ मार्च/14/1930 12:41:37 PM मार्च/14/1930 01:05:15 PM
शुभ मार्च/14/1930 01:52:31 PM मार्च/14/1930 02:10:14 PM
चल मार्च/14/1930 05:07:28 PM मार्च/14/1930 06:36:05 PM
लाभ मार्च/14/1930 09:38:27 PM मार्च/14/1930 11:09:38 PM
शुभ मार्च/15/1930 12:40:49 AM मार्च/15/1930 02:12:00 AM
अमृत मार्च/15/1930 02:12:00 AM मार्च/15/1930 03:43:11 AM
चल मार्च/15/1930 03:43:11 AM मार्च/15/1930 05:14:22 AM
गौरी पंचांग
दिन
सुगम मार्च/14/1930 06:47:10 AM – मार्च/14/1930 08:15:47 AM
उत्ती मार्च/14/1930 09:56:12 AM – मार्च/14/1930 11:13:01 AM
अमृता मार्च/14/1930 12:41:37 PM – मार्च/14/1930 01:05:15 PM
अमृता मार्च/14/1930 01:52:31 PM – मार्च/14/1930 02:10:14 PM
धनम मार्च/14/1930 05:07:28 PM – मार्च/14/1930 06:36:05 PM
रात
लाभम मार्च/14/1930 08:07:16 PM – मार्च/14/1930 09:38:27 PM
धनम मार्च/14/1930 09:38:27 PM – मार्च/14/1930 11:09:38 PM
सुगम मार्च/14/1930 11:09:38 PM – मार्च/15/1930 12:40:49 AM
उत्ती मार्च/15/1930 02:12:00 AM – मार्च/15/1930 03:43:11 AM
अमृता मार्च/15/1930 05:14:22 AM – मार्च/15/1930 06:45:33 AM
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