धनत्रयोदशी 2094
अमांत आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पौर्णिमांत कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी): धन्वंतरी जयंती आणि लक्ष्मी पूजा
स्थिर लग्नासह प्रदोष काळ: 06:31:28 PM – 08:19:57 PM.
धनत्रयोदशी🗓 नोव्हेंबर 5, 2094🔔 धनत्रयोदशी, यम दीप दान, 🔱 प्रदोष🕉 स्थिर लग्नासह प्रदोष काळ (वृषभ स्थिर लग्न): नोव्हेंबर/5 06:31:28 PM – नोव्हेंबर/5 08:19:57 PM▸ अधिक मुहूर्त आणि संपूर्ण पंचांगसाठी टॅप करा
काली चौदस🗓 नोव्हेंबर 6, 2094🔔 हनुमान जयंती, काळी चौदस, मास शिवरात्री🕉 निशीथ काल (काली पूजा): नोव्हेंबर/6 11:38:40 PM – नोव्हेंबर/7 12:28:22 AM▸ अधिक मुहूर्त आणि संपूर्ण पंचांगसाठी टॅप करा
नरक चतुर्दशी🗓 नोव्हेंबर 7, 2094🔔 नरक चतुर्दशी, दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान🕉 अभ्यंग स्नान (तेल स्नान, चंद्रोदय → सूर्योदय): 05:22:03 AM – 06:16:21 AM▸ अधिक मुहूर्त आणि संपूर्ण पंचांगसाठी टॅप करा
दिवाळी (लक्ष्मी पूजा)🗓 नोव्हेंबर 7, 2094🔔 नरक चतुर्दशी, दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान🕉 स्थिर लग्नासह प्रदोष काळ (वृषभ स्थिर लग्न): नोव्हेंबर/7 06:23:36 PM – नोव्हेंबर/7 08:19:42 PM▸ अधिक मुहूर्त आणि संपूर्ण पंचांगसाठी टॅप करा
| स्थिर लग्न | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| वृश्चिक | नोव्हेंबर/8 06:58:03 AM | नोव्हेंबर/8 09:09:55 AM |
| कुंभ | नोव्हेंबर/8 01:09:34 PM | नोव्हेंबर/8 02:51:13 PM |
| वृषभ | नोव्हेंबर/8 06:19:41 PM | नोव्हेंबर/8 08:22:25 PM |
| चौघडिया | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | नोव्हेंबर/8 06:16:42 AM | नोव्हेंबर/8 07:43:23 AM |
| शुभ | नोव्हेंबर/8 09:10:05 AM | नोव्हेंबर/8 10:36:46 AM |
| लाभ | नोव्हेंबर/8 03:31:31 PM | नोव्हेंबर/8 04:23:32 PM |
| अमृत | नोव्हेंबर/8 04:23:32 PM | नोव्हेंबर/8 05:50:14 PM |
| चल | नोव्हेंबर/8 05:50:14 PM | नोव्हेंबर/8 07:23:35 PM |
| लाभ | नोव्हेंबर/8 10:30:17 PM | नोव्हेंबर/9 12:03:39 AM |
| शुभ | नोव्हेंबर/9 01:37:00 AM | नोव्हेंबर/9 03:10:21 AM |
| अमृत | नोव्हेंबर/9 03:10:21 AM | नोव्हेंबर/9 04:43:42 AM |
| चल | नोव्हेंबर/9 04:43:42 AM | नोव्हेंबर/9 06:17:04 AM |
बळी प्रतिपदा🗓 नोव्हेंबर 8, 2094🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बळी प्रतिपदा, विंचुडो प्रारंभ नोव्हेंबर/9 02:53:09 AM, इष्टी🕉 अमृत चौघडिया (मिती मुहूर्त): नोव्हेंबर/8 06:16:42 AM – नोव्हेंबर/8 07:43:23 AM▸ अधिक मुहूर्त आणि संपूर्ण पंचांगसाठी टॅप करा
| स्थिर लग्न | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| वृश्चिक | नोव्हेंबर/8 06:58:03 AM | नोव्हेंबर/8 09:09:55 AM |
| कुंभ | नोव्हेंबर/8 01:09:34 PM | नोव्हेंबर/8 02:51:13 PM |
| वृषभ | नोव्हेंबर/8 06:19:41 PM | नोव्हेंबर/8 08:22:25 PM |
| चौघडिया | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| अमृत | नोव्हेंबर/8 06:16:42 AM | नोव्हेंबर/8 07:43:23 AM |
| शुभ | नोव्हेंबर/8 09:10:05 AM | नोव्हेंबर/8 10:36:46 AM |
| लाभ | नोव्हेंबर/8 03:31:31 PM | नोव्हेंबर/8 04:23:32 PM |
| अमृत | नोव्हेंबर/8 04:23:32 PM | नोव्हेंबर/8 05:50:14 PM |
| चल | नोव्हेंबर/8 05:50:14 PM | नोव्हेंबर/8 07:23:35 PM |
| लाभ | नोव्हेंबर/8 10:30:17 PM | नोव्हेंबर/9 12:03:39 AM |
| शुभ | नोव्हेंबर/9 01:37:00 AM | नोव्हेंबर/9 03:10:21 AM |
| अमृत | नोव्हेंबर/9 03:10:21 AM | नोव्हेंबर/9 04:43:42 AM |
| चल | नोव्हेंबर/9 04:43:42 AM | नोव्हेंबर/9 06:17:04 AM |
यम द्वितीया / भाऊबीज🗓 नोव्हेंबर 9, 2094🔔 गुजराती नव वर्ष, यम द्वितीया / भाऊबीज🕉 अपराह्ण काळ: नोव्हेंबर/9 01:12:50 PM – नोव्हेंबर/9 03:31:26 PM▸ अधिक मुहूर्त आणि संपूर्ण पंचांगसाठी टॅप करा
| चौघडिया | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| लाभ | नोव्हेंबर/9 10:36:55 AM | नोव्हेंबर/9 12:03:33 PM |
| लाभ | नोव्हेंबर/9 07:23:27 PM | नोव्हेंबर/9 08:56:53 PM |
| शुभ | नोव्हेंबर/9 10:30:18 PM | नोव्हेंबर/10 12:03:44 AM |
| अमृत | नोव्हेंबर/10 12:03:44 AM | नोव्हेंबर/10 01:37:09 AM |
| चल | नोव्हेंबर/10 01:37:09 AM | नोव्हेंबर/10 03:10:35 AM |
परिचय धनत्रयोदशी
धनत्रयोदशी
धनत्रयोदशी, धन (संपत्ती) आणि तेरस (तेरावी) या शब्दांपासून बनलेली, कृष्ण पक्षातील त्रयोदशीला येते. दक्षिण आणि पश्चिम भारतात रूढ असलेल्या अमांत महिना पद्धतीनुसार ही आश्विन कृष्ण त्रयोदशी असते, तर उत्तर भारतात रूढ असलेल्या पौर्णिमांत पद्धतीनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी असते, आणि यातूनच पाच दिवसांच्या दिवाळी उत्सवाची सुरुवात होते. हाच दिवस समुद्रमंथनातून अमृतकुंभ आणि आयुर्वेदाचे शास्त्र घेऊन प्रकट झालेल्या देवतांच्या वैद्याचा, भगवान धन्वंतरींचा जयंती दिवस देखील आहे.
या संध्याकाळी, प्रदोष काळात (संध्याकाळच्या संधिप्रकाशात) लक्ष्मी पूजा केली जाते: याच वेळी देवी समृद्ध आणि उजळलेल्या घरांना भेट देते असे मानले जाते. तिच्या स्वागतासाठी घरे नीट स्वच्छ करून पणत्या आणि रांगोळीने उजळवली जातात. प्रदोष काळाची (सूर्यास्तानंतर पण रात्र होण्यापूर्वीची) वेळ अत्यंत महत्त्वाची असते: याच काळात पूजा केल्यास वर्षभर लक्ष्मीचा आशीर्वाद लाभतो असे मानले जाते.
धनत्रयोदशी हा भारतातील सोने-चांदी खरेदीचा सर्वात मोठा दिवस आहे. या दिवशी मौल्यवान धातू, तांब्याची भांडी किंवा नवीन वस्तू खरेदी केल्याने अखंड समृद्धी लाभते असे मानले जाते. ही परंपरा एका कथेशी जोडलेली आहे: एका तरुण राजाचे लग्नानंतर चौथ्या दिवशी मृत्यू होणार असे भाकीत होते. त्याच्या वधूने बेडरूमच्या दारासमोर सोने-चांदी रचून आणि रात्रभर गाणी गाऊन मृत्यूला मात दिली, त्यामुळे यम आत प्रवेश न करताच परत गेला.
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