मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

चंद्र दर्शन 1944

अमावस्या के बाद अर्धचंद्र का पहला दर्शन, आपके शहर के लिए

📍 Columbus, Ohio, America (United States)
इस वर्ष की चंद्र दर्शन संध्याएँ · Columbus
🌑
जनवरी 25, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त जनवरी/25 06:40:36 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
जनवरी 26, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त जनवरी/26 06:41:47 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
07:22:13 अपराह्ण
🌑
फरवरी 24, 1944 दिखाई नहीं देगा (नंगी आँखों से)
🌇 सूर्यास्त फरवरी/24 07:16:06 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌑
मार्च 24, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त मार्च/24 07:47:00 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
मार्च 25, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त मार्च/25 07:48:01 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
08:31:41 अपराह्ण
🌑
अप्रैल 22, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त अप्रैल/22 08:16:14 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
अप्रैल 23, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त अप्रैल/23 08:17:14 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
08:46:41 अपराह्ण
🌑
मई 22, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त मई/22 08:45:17 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
मई 23, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त मई/23 08:46:09 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
09:28:25 अपराह्ण
🌑
जून 20, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त जून/20 09:02:40 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
जून 21, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त जून/21 09:02:54 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
09:28:28 अपराह्ण
🌑
जुलाई 20, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त जुलाई/20 08:55:30 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
जुलाई 21, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त जुलाई/21 08:54:46 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
09:25:15 अपराह्ण
🌑
अगस्त 18, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त अगस्त/18 08:23:50 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
अगस्त 19, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त अगस्त/19 08:22:26 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
08:42:48 अपराह्ण
🌑
सितम्बर 17, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त सितम्बर/17 07:36:54 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
सितम्बर 18, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त सितम्बर/18 07:35:14 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
08:00:40 अपराह्ण
🌑
अक्तूबर 17, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त अक्तूबर/17 06:48:58 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
अक्तूबर 18, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त अक्तूबर/18 06:47:31 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
07:18:50 अपराह्ण
🌒
नवम्बर 16, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त नवम्बर/16 06:14:13 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
06:37:11 अपराह्ण
🌒
नवम्बर 17, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त नवम्बर/17 06:13:28 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
06:54:45 अपराह्ण
🌑
दिसम्बर 15, 1944 अदृश्य
🌇 सूर्यास्त दिसम्बर/15 06:06:47 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌒
दिसम्बर 16, 1944 दृश्य
🌇 सूर्यास्त दिसम्बर/16 06:07:04 PM · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
✨ दर्शन का सर्वोत्तम समय
06:39:30 अपराह्ण
Advertisement
परिचय चंद्र दर्शन
परिचय

चंद्र दर्शन

चंद्र दर्शन अमावस्या (नवचंद्र) के बाद बढ़ते हुए चंद्रमा की कला का पहला दर्शन है, जो उस सायंकाल किया जाता है जब शुक्ल प्रतिपदा प्रभावी हो, अथवा, यदि उस समय चंद्रकला दिखाई न दे, तो अगले सायंकाल (द्वितीया) को। नवजात चंद्रकला को देखना शुभ माना जाता है: कई लोग दर्शन होने तक एक संक्षिप्त उपवास रखते हैं और दर्शन के पश्चात चंद्रमा को अर्घ्य (जल) अर्पित करते हैं।

अमावस्या के ठीक बाद चंद्रकला अत्यंत क्षीण, क्षितिज के निकट होती है, और सूर्य के तुरंत बाद अस्त हो जाती है, इसलिए किसी विशेष सायंकाल नग्न आँखों से उसे वास्तव में देखा जा सकता है या नहीं, यह एक वास्तविक खगोलीय प्रश्न है, न कि एक निश्चित कैलेंडर तिथि। यह पृष्ठ प्रत्येक संभावित सायंकाल की जाँच यालॉप चंद्रकला-दृश्यता मानदंड (बी.डी. यालॉप, एच.एम. नॉटिकल अल्मानैक कार्यालय तकनीकी नोट संख्या 69, 1997) का उपयोग करके करता है: यह एक प्रकाशित विधि है, जिसका उपयोग अन्य चंद्र-कैलेंडर चंद्र-दर्शन निर्धारणों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किया जाता है, जो चंद्रकला के दीर्घीकरण, चौड़ाई, और सूर्यास्त के समय दृष्टि-चाप पर आधारित है।

यह एक वैज्ञानिक दृश्यता आकलन है, वास्तविक स्थानीय दर्शन का विकल्प नहीं है, जहाँ सामुदायिक पालन उस पर निर्भर करता हो। स्थानीय क्षितिज की स्थितियाँ (धुंध, ऊँचाई, अवरोध) किसी दिए गए सायंकाल में वास्तव में जो देखा जाता है, उसे प्रभावित कर सकती हैं।

परंपरा और विधि
🌒
नवजात चंद्रकला
चंद्र दर्शन की जाँच उस सायंकाल की जाती है जब सूर्यास्त के समय शुक्ल प्रतिपदा व्याप्त हो, अथवा, यदि उस सायंकाल चंद्रकला इतनी क्षीण हो कि दिखाई न दे, तो इसके स्थान पर अगले सायंकाल (द्वितीया) की। प्रत्येक सायंकाल का मूल्यांकन स्वतंत्र रूप से किया जाता है।
🔭
यालॉप दृश्यता मानदंड
यह एक प्रकाशित खगोलीय विधि (बी.डी. यालॉप, 1997) है, जिसका उपयोग यह वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है कि क्या नवजात चंद्रकला नग्न आँखों से दिखाई देती है, जो सूर्य से उसके दीर्घीकरण, उसकी चौड़ाई, और सूर्यास्त के समय दृष्टि-चाप पर आधारित है।
🙏
चंद्रमा को अर्घ्य
चंद्रकला के दर्शन पर, भक्त परंपरागत रूप से चंद्रमा को अर्घ्य (जल) अर्पित करते हैं और आशीर्वाद माँगते हैं। कुछ लोग एक संक्षिप्त उपवास रखते हैं, जो चंद्र दर्शन होते ही तोड़ दिया जाता है।
✨
सर्वोत्तम दर्शन समय
जब दिखाई देती है, तो सर्वोत्तम दर्शन अवधि सूर्यास्त और चंद्रास्त के बीच अनुमानित की जाती है (डेन ब्रुइन का सन्निकटन), जो नीचे प्रत्येक सायंकाल के साथ दर्शाई गई है।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें
Advertisement

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें