मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

अजा एकादशी 1992

श्रावण कृष्ण एकादशी: भगवान विष्णु को समर्पित व्रत

📍 बेंगलुरु, भारत
Advertisement
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:09:15 पूर्वाह्ण
सूर्यास्त
06:34:54 अपराह्ण
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 23
06:09:11 पूर्वाह्ण
🌙 एकादशी प्रारंभ
अगस्त 24
12:36:38 पूर्वाह्ण
🌅 सूर्योदय
अगस्त 24
06:09:15 पूर्वाह्ण
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 24
06:34:54 अपराह्ण
🌙 एकादशी समाप्त
अगस्त 24
10:13:40 अपराह्ण
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 25
06:09:19 पूर्वाह्ण
Advertisement
परिचय

अजा एकादशी

श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कथा सुनाई। पूर्व कर्मों के प्रभाव से उन्होंने अपना राज्य खो दिया, पत्नी और पुत्र से बिछुड़ गए, और श्मशान के एक रक्षक के यहाँ सेवक के रूप में बिक गए।

उस कठोर दशा में भी उन्होंने सत्य कभी नहीं छोड़ा। दुःख से थककर वे सोचते रहते कि उन्हें कभी मुक्ति कैसे मिलेगी। उसी समय महर्षि गौतम उनके पास आए, और उनकी कथा सुनकर उन्हें आने वाली कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी पर उपवास और रात्रि जागरण करने को कहा।

हरिश्चंद्र ने उपवास रखा और पूजा करते हुए पूरी रात जागते रहे। उसके पुण्य से उनके पाप नष्ट हो गए, उनके दुःख समाप्त हुए, वे अपने परिवार से फिर मिले, उन्हें राज्य वापस मिला, और अंत में वे स्वर्ग को गए। श्रीकृष्ण ने यह भी कहा कि इस कथा को सुनने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है।

परंपरा और विधि
⚖️
सत्य का फल
सत्य को कभी न छोड़ने वाले हरिश्चंद्र को इस उपवास से सब कुछ वापस मिला।
🧘
महर्षि गौतम
महर्षि ने दुःखी राजा को यह उपाय बताया।
🐎
अश्वमेध का पुण्य
कहा जाता है कि इस कथा को सुनने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें
Advertisement

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें